कुरुक्षेत्र में पति की हत्या के बाद शव के पास तीन-चार घंटे बैठी रही महिला: पुलिस
कुरुक्षेत्र में पति की हत्या के बाद शव के पास तीन-चार घंटे बैठी रही महिला: पुलिस
कुरुक्षेत्र, 27 अगस्त (भाषा) कुरुक्षेत्र में 40 वर्षीय एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या के मामले की जांच में सामने आया है कि उसकी पत्नी अपने पति की कथित तौर पर हत्या करने के बाद करीब तीन-चार घंटे शव के पास बैठी रही। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, विमला ने अपने पति राजेश के पेट पर कथित तौर पर गहरा वार कर उसकी हत्या कर दी और वह इसके बाद शव की बाहर निकली आंतों को प्लास्टिक की थैली में डालती देखी गई और फिर छत से कूद गई।
यह घटना 21 अगस्त को यहां पिहोवा रोड पर राज पैलेस के पास एक किराये के मकान में हुई।
उत्तर प्रदेश के धामपुर गांव का निवासी राजेश अपनी पत्नी विमला देवी के साथ करीब एक साल से वहां रह रहा था और एक कंपनी में जलापूर्ति कर्मचारी के रूप में काम करता था।
पुलिस ने कहा कि हत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
जांच के अनुसार, 21 अगस्त को शाम करीब चार से पांच बजे के बीच मकान मालिक ने राजेश के घर से चीखने की आवाज सुनी जिसके बाद वह ऊपर गया।
पुलिस के अनुसार, उसने कथित तौर पर विमला को राजेश का पेट काटकर उसकी आंतें बाहर निकालते देखा और मकान मालिक को देखते ही विमला छत से कूद गई जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
फोरेंसिक जांच से संकेत मिला कि राजेश की मौत दोपहर के कुछ समय बाद ही हो गई थी जिससे पता चलता है कि हत्या और पुलिस को सूचना दिए जाने के बीच कई घंटे का अंतर था। छत से कूदने के कारण विमला को रीढ़ समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं।
राजेश का पोस्टमार्टम करने वाले फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. गौरव कौशिक ने बताया कि उसके पेट पर करीब 37 सेंटीमीटर लंबा और 3.5 सेंटीमीटर चौड़ा गहरा घाव था।
उन्होंने बताया कि पेट में बने चीरे से आंतें निकाल ली गई थीं और पोस्टमार्टम के समय आंतें नहीं थीं।
उन्होंने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि दाहिना गुर्दा और यकृत का करीब आधा हिस्सा भी गायब था।
डॉ. कौशिक ने कहा कि इतना बड़ा चीरा आम तौर पर पोस्टमार्टम के दौरान भी नहीं लगाया जाता, जिससे आशंका है कि चाकू का इस्तेमाल अंग निकालने के लिए किया गया होगा।
पुलिस और फोरेंसिक दल गायब आंतों, गुर्दे और यकृत के हिस्से की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इनके मिलने से मामले में अहम साक्ष्य मिल सकते हैं।
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि आंतें नहीं मिलने से जांचकर्ताओं के लिए यह पता लगाना भी मुश्किल हो गया है कि राजेश को मौत से पहले कोई नशीला पदार्थ दिया गया था या नहीं।
विमला का फिलहाल लोकनायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल में इलाज जारी है। डॉ. गुंजन उपाध्याय ने बताया कि विमला को भर्ती किए जाने के समय उसकी हालत ठीक नहीं थी।
उन्होंने बताया कि विमला आक्रामक व्यवहार कर रही थी और शुरुआत में उसने खाना-पानी लेने से भी इनकार कर दिया था। बाद में उसकी हालत में काफी सुधार हुआ।
डॉ. गुंजन ने कहा कि बातचीत के दौरान विमला उसके साथ कथित तौर पर हुए दुर्व्यवहार का बार-बार जिक्र करती है।
भाषा सिम्मी सुभाष
सुभाष

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