लोकसभा के वर्तमान संख्याबल के आधार पर महिला आरक्षण लागू हो: द्रमुक

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लोकसभा के वर्तमान संख्याबल के आधार पर महिला आरक्षण लागू हो: द्रमुक

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  • Publish Date - July 19, 2026 / 01:49 PM IST,
    Updated On - July 19, 2026 / 01:49 PM IST

नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने रविवार को कहा कि सरकार को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने तथा परिसीमन संबंधी संविधान संशोधन विधेयक पर स्पष्ट फार्मूला सामने रखना चाहिए और यह आरक्षण निचले सदन के वर्तमान संख्याबल के आधार पर दिया जाना चाहिए।

पार्टी के वरिष्ठ नेता तिरुची शिवा ने सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र से एक दिन पहले सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में यह मुद्दा उठाया।

बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘‘द्रमुक मौजूदा लोकसभा सीटों की संख्या के आधार पर महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में है, लेकिन परिसीमन के मुद्दे पर हम और स्पष्टता चाहते हैं।’’

शिवा ने कहा कि परिसीमन की कवायद से दक्षिणी राज्यों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए और उन्होंने सरकार से इस संबंध में अधिक स्पष्टता की मांग की।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर इससे दक्षिणी राज्यों पर असर पड़ता है, तो इसे 25 साल के लिए स्थगित कर दिया जाना चाहिए।’’

द्रमुक ने इस साल 17 अप्रैल को परिसीमन संबंधी संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ मतदान किया था। हालांकि, बदले हुए राजनीतिक समीकरणों के देखते हुए इस विधेयक पर उसका रुख निर्णायक भूमिका अदा कर सकता है।

इस साल तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने उससे अलग होकर तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) से गठबंधन कर लिया।

भाषा हक हक

शोभना

शोभना