राजस्थान के टीकाकरण अभियान को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सराहा : शर्मा

राजस्थान के टीकाकरण अभियान को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सराहा : शर्मा

राजस्थान के टीकाकरण अभियान को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सराहा : शर्मा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:20 pm IST
Published Date: July 14, 2021 12:04 pm IST

जयपुर, 14 जुलाई (भाषा) राजस्थान के चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बुधवार को कहा कि राज्य में जारी कोरोना बचाव टीकाकरण अभियान को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी सराहा है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार राज्य उन अग्रणी राज्यों में शामिल है जहां टीकों की खुराक सबसे कम बर्बाद (वेस्टेज) हुई है।

शर्मा ने कहा कि चिकित्सा कर्मियों ने टीकों की प्रत्येक वॉयल में से 10 के अतिरिक्त उपलब्ध खुराक का उपयोग किया, जिससे राज्य में टीकों की आपूर्ति के अनुपात में 1.8 प्रतिशत अधिक टीकाकरण हो सका। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि डब्ल्यूएचओ के अनुसार देश के जिन 16 राज्यों में अनुमत श्रेणी के अलावा टीके की खुराक बर्बाद हुई है, उसमें राजस्थान का नाम तक नहीं है। संगठन द्वारा जारी रिपोर्ट में एक मई से 29 जून 2021 तक का डेटा शामिल है।

उन्होंने कहा कि चिकित्साकर्मियों ने पूर्ण दक्षता के साथ टीकाकरण कर तय खुराक से भी ज्यादा संख्या में टीकाकरण किया है। शर्मा ने कहा कि 21 जून से हम टीकों की उपलब्धता के लिए पूर्ण रूप से केन्द्र पर निर्भर है। देश के अन्य राज्यों को जहां उनकी मांग के अनुसार टीके उपलब्ध कराए जा रहे हैं, वहीं राजस्थान को यह सुविधा नहीं मिल रही है।

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की ओर से प्रदेश को जुलाई माह के लिए 65 लाख कोरोना टीके की खुराक आवंटन किया गया है, जबकि प्रदेश में दूसरी खुराक के लिए ही करीब 75 लाख खुराक की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त पहली खुराक के लिए भी करीब इतनी ही खुराक की जरूरत है। इस सबंध में मुख्यमंत्री द्वारा भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर करीब 1.5 करोड़ खुराक की मांग की जा चुकी है।

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि कोरोना के नए रूप मिलने से संक्रमण के तेज होने की आशंका अधिक बढ़ गई है। ऐसे में टीकाकरण की प्रक्रिया को तेज करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा अनलॉक 4.0 के बाद से बाजारों में काफी भीड़ देखी जा रही है जो कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर का प्रमुख कारण बन सकती है।

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि राज्य में कोरोना वायरस के नए रूप (वेरिएंट) कप्पा से संक्रमित 11 मरीज मिले हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि कप्पा, डेल्टा और डेल्टा प्लस वेरिएंट के मुकाबले मध्यम तरीके का है लेकिन कोरोना प्रोटोकॉल की पालना नहीं करने पर इस वैरिएंट से भी काफी खतरा हो सकता है।

भाषा पृथ्वी कुंज धीरज

धीरज


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