नयी दिल्ली, पांच मई (भाषा) रेलवे बोर्ड ने मंगलवार को मुंबई के चर्चगेट और बोरीवली के बीच चलने वाली दुनिया की पहली महिला विशेष ट्रेन सेवा के 34 साल पूरे होने को महिला-केंद्रित उपनगरीय यात्रा में एक ‘‘महत्वपूर्ण उपलब्धि’’ बताया।
यह सेवा शुरू में चर्चगेट और बोरीवली के बीच संचालित की गई थी और बाद में 1993 में इसे विरार तक बढ़ा दिया गया।
बोर्ड ने कहा, ‘‘पांच मई 1992 को विश्व की पहली महिला विशेष ट्रेन सेवा के रूप में शुरू की गई यह सेवा मुंबई में कामकाजी महिलाओं, विशेष रूप से व्यस्त समय के दौरान, सुरक्षित, विश्वसनीय और आरामदायक यात्रा विकल्पों की बढ़ती आवश्यकता को पूरा करने के लिए शुरू की गई थी।’’
सेवा के शुरुआती दिनों को याद करते हुए, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि ट्रेन को पश्चिमी रेलवे के तत्कालीन महाप्रबंधक द्वारा सामान्य कार्यक्रम में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था।
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘यह पहल कामकाजी महिलाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए थी। मुझे वह समय याद है जब पी.वी. नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री थे, सी.के. जाफर शरीफ रेल मंत्री थे और सुधाकरराव नाइक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे। हालांकि, यह मुख्य रूप से रेलवे स्तर का कार्यक्रम था।’’
उन्होंने बताया, ‘‘तत्कालीन महाप्रबंधक ने वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों के साथ मिलकर कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।’’
अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं के लिए विशेष ट्रेन की शुरुआत कामकाजी महिलाओं के लिए वरदान साबित हुई, जिन्हें पहले नियमित उपनगरीय ट्रेन में महिलाओं के डिब्बों में चढ़ने के लिए संघर्ष करना पड़ता था।
रेलवे बोर्ड के एक बयान में कहा गया, ‘‘दशकों से, यह शहर के उपनगरीय रेल नेटवर्क का महत्वपूर्ण घटक बन गया है, जो यात्रा के बदलते पैटर्न और कार्यबल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी दोनों को दर्शाता है।’’
इसमें कहा गया, ‘‘पिछले कुछ वर्षों में, न केवल महिला विशेष ट्रेन सेवाओं की संख्या बढ़ी है, बल्कि उपनगरीय यात्रियों के बीच इनकी लोकप्रियता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अधिक स्थान और किसी भी कोच में चढ़ने की सुविधा प्रदान करने के अलावा, इन सेवाओं ने महिला यात्रियों के बीच एक मजबूत सामुदायिक भावना को बढ़ावा देने में मदद की है।’’
वर्तमान में, पश्चिमी रेलवे प्रतिदिन 10 महिला विशेष सेवाएं संचालित करता है।
भाषा आशीष पवनेश
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