अतिक्रमण हटाने के बाद यमुना के डूब क्षेत्र की बाड़बंदी की जाए : उच्च न्यायालय ने डीडीए से कहा

अतिक्रमण हटाने के बाद यमुना के डूब क्षेत्र की बाड़बंदी की जाए : उच्च न्यायालय ने डीडीए से कहा

अतिक्रमण हटाने के बाद यमुना के डूब क्षेत्र की बाड़बंदी की जाए : उच्च न्यायालय ने डीडीए से कहा
Modified Date: July 25, 2024 / 08:24 pm IST
Published Date: July 25, 2024 8:24 pm IST

नयी दिल्ली, 25 जुलाई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को यमुना नदी के डूब क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के बाद उसकी बाड़बंदी करने को कहा, ताकि भविष्य में कोई अवैध निर्माण नहीं हो।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की अध्यक्षता वाली पीठ ने सिग्नेचर ब्रिज के पास अवैध रूप से निर्मित एक दरगाह और कब्रिस्तान को ध्वस्त करने की अनुमति देने का अनुरोध करते हुए दायर एक याचिका का निस्तारण करते हुए यह कहा।

पीठ ने पूर्व में, नदी तट से सभी अतिक्रमण और अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया था।

अदालत ने डीडीए को कथित अतिक्रमण से संबंधित याचिकाकर्ता के प्रतिवेदन पर छह हफ्तों के अंदर विचार करने को कहा लेकिन नदी के डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण से निपटने के लिए एक विशेष बल के गठन और तैनाती का निर्देश देने के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया।

अदालत ने कहा कि इसके बजाय अधिकारियों को भविष्य में किसी भी निर्माण कार्य पर नजर रखने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना चाहिए।

पीठ में न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला भी शामिल हैं।

पीठ ने कहा, ‘‘यह (विशेष बल) और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देगा। उन्हें अधिक सतर्क रहने और प्रौद्योगिकी का उपयोग करने की जरूरत है।’’

अदालत ने आदेश दिया, ‘‘डीडीए के उपाध्यक्ष को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाता है कि जब भी अतिक्रमण हटाया जाए, यमुना के डूब क्षेत्र के आसपास के इलाके को संरक्षित किया जाए तथा समुचित रूप से बाड़ लगाई जाए, ताकि भविष्य में कोई और अतिक्रमण न हो सके।’’

आठ जुलाई को, उच्च न्यायालय ने शाहीन बाग के पास अवैध निर्माण का आरोप लगाने वाली एक अन्य याचिका पर सुनवाई करते हुए डीडीए उपाध्यक्ष को यमुना नदी के तट और इसके नदी तल के साथ-साथ नदी में अपशिष्ट जल प्रवाहित करने वाले नालों पर सभी अतिक्रमण और अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया था।

मानसून के दौरान दिल्ली में जलभराव की समस्या से संबंधित एक स्वत: संज्ञान मामले पर आठ अप्रैल को सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने यमुना के डूब क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था और वहां जैव विविधता क्षेत्रों/आर्द्रभूमि के विकास पर डीडीए से रिपोर्ट मांगी थी।

भाषा सुभाष खारी

खारी


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