नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) यमुना नदी के पानी की गुणवत्ता पर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) की नवीनतम रिपोर्ट में ‘कोलीफॉर्म’ का स्तर चिंता पैदा करने वाला है। इस रिपोर्ट से नदी में बिना शोधन के सीवेज गिरने का संकेत भी मिलता है।
देरी को लेकर अटकलों के बाद अपलोड की गई जनवरी और फरवरी की रिपोर्ट में ‘‘बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड’’ (बीओडी) का उच्च स्तर भी दिखाया गया है, जो सूक्ष्मजीवों के लिए आवश्यक घुलित ऑक्सीजन की मात्रा का माप है।
डीपीसीसी द्वारा जल गुणवत्ता परीक्षण में आठ स्थानों पर नदी के पानी के नमूने एकत्र करना, प्रदूषण स्तर निर्धारित करने के लिए बीओडी, घुलनशील ऑक्सीजन, रासायनिक ऑक्सीजन मांग और मल कोलीफॉर्म आदि को मापना शामिल है।
इन आठ स्थानों में पल्ला, वजीराबाद, आईएसबीटी पुल, आईटीओ पुल, निजामुद्दीन पुल, ओखला बैराज और असगरपुर आदि शामिल हैं।
कोलीफॉर्म जीवाणुओं का समूह है पीने के पानी में इनकी उपस्थिति मल संदूषण का संकेत है
भाषा तान्या अविनाश
अविनाश