वर्ष 2025-26: सर्दियों में गाजियाबाद भारत का सबसे प्रदूषित शहर रहा, नोएडा-दिल्ली का दूसरा-तीसरा नंबर

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वर्ष 2025-26: सर्दियों में गाजियाबाद भारत का सबसे प्रदूषित शहर रहा, नोएडा-दिल्ली का दूसरा-तीसरा नंबर

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  • Publish Date - March 6, 2026 / 08:58 PM IST,
    Updated On - March 6, 2026 / 08:58 PM IST

नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) वर्ष 2025-26 की सर्दियों के दौरान गाजियाबाद भारत का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जिसके बाद नोएडा और दिल्ली का स्थान था। यह बात ‘सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर’ (सीआरईए) द्वारा किए गए वायु गुणवत्ता विश्लेषण में कही गई है।

सीआरईए के विश्लेषण के अनुसार, पर्याप्त निगरानी डेटा वाले 238 भारतीय शहरों में से कम से कम 204 शहरों में सर्दियों में पीएम2.5 की औसत सांद्रता भारत के राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (एनएएक्यूएस) से ऊपर दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष के 173 शहरों से अधिक है।

यह विश्लेषण केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों (सीएएक्यूएमएस) के एक अक्टूबर, 2025 से 28 फरवरी, 2026 तक के आंकड़ों पर आधारित है।

विश्लेषण में कहा गया, ‘‘2025-26 की सर्दियों के दौरान गाजियाबाद भारत का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां पीएम2.5 की औसत सांद्रता 172 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। नोएडा दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां पीएम2.5 की औसत सांद्रता 166 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर थी। दिल्ली तीसरे स्थान पर रहा, जहां पीएम2.5 की औसत सांद्रता 163 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई।’’

इसमें कहा गया, ‘‘2025-26 की सर्दियों के दौरान, दिल्ली में 18 ‘गंभीर’ दिन, 87 ‘बेहद खराब’ दिन, 24 ‘खराब’ दिन, 15 ‘मध्यम’ दिन, छह ‘संतोषजनक’ दिन और केवल एक ‘अच्छा’ दिन रहा।’’

ग्रेटर नोएडा, बहादुरगढ़, धारूहेड़ा, गुरुग्राम, भिवाड़ी, चरखी दादरी और बागपत 10 सबसे अधिक प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल रहे, जिनमें ग्रेटर नोएडा चौथे और बागपत 10वें स्थान पर रहा।

उत्तर प्रदेश और हरियाणा के चार-चार शहर 10 सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शामिल रहे, साथ ही दिल्ली और राजस्थान से एक-एक शहर भी इस सूची में शामिल रहा।

राज्य स्तर पर हरियाणा में सबसे अधिक ऐसे शहर दर्ज किए गए, जहां सभी निगरानी स्थलों पर पीएम2.5 एनएक्यूक्यूएस का स्तर सीमा से अधिक था। राज्य के 24 शहरों में यह मानक से अधिक था। आंध्र प्रदेश (नौ शहर), पंजाब (आठ), पश्चिम बंगाल (सात) और गुजरात (छह) में भी निगरानी वाले सभी शहरों में संबंधित स्तर निर्धारित सीमा से अधिक रहा।

राजस्थान (34 में से 33 शहर), महाराष्ट्र (31 में से 30 शहर), बिहार (24 में से 23 शहर), उत्तर प्रदेश (20 में से 17 शहर), ओडिशा (14 में से 13 शहर) और मध्यप्रदेश (13 में से 11 शहर) में भी राष्ट्रीय औसत से अधिक ऐसी स्थिति दर्ज की गई।

कर्नाटक का चामराजनगर 2025-26 की सर्दियों के दौरान भारत का सबसे स्वच्छ शहर था, जहां पीएम2.5 की औसत सांद्रता 19 प्रति घन मीटर थी। 10 सबसे स्वच्छ शहरों में कर्नाटक के आठ और मध्यप्रदेश तथा मेघालय से एक-एक शहर शामिल रहा।

सीआरईए के भारत विश्लेषक मनोज कुमार ने कहा, ‘‘वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने एनसीआर क्षेत्र के लिए पीएम2.5 में कमी के लक्ष्य निर्धारित किए हैं, लेकिन सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों जैसे गैसीय प्रदूषकों को नियंत्रित करने पर अधिक ध्यान देने के साथ इसी तरह के राष्ट्रव्यापी पीएम2.5 कमी लक्ष्यों की भी आवश्यकता है, जो द्वितीयक पीएम2.5 और ओजोन के निर्माण में योगदान करते हैं, जो कण प्रदूषण का एक प्रमुख घटक है।’’

भाषा

नेत्रपाल दिलीप

दिलीप