अयोध्या, छह सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष अयोध्या में प्रस्तावित संग्रहालय पर एक प्रस्तुति दी गई है। यह संग्रहालय देश भर के प्रसिद्ध मंदिरों के इतिहास को प्रदर्शित करेगा। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
दिल्ली में मंगलवार को प्रधानमंत्री के साथ उच्च स्तरीय बैठक में अयोध्या में संग्रहालय का विकास शीर्ष मुद्दा था।
जिलाधिकारी नीतीश कुमार ने पीटीआई-भाषा को बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अयोध्या के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।
बैठक में मौजूद रहे कुमार ने बताया, ‘प्रधानमंत्री को मंदिर संग्रहालय का विचार बहुत पसंद आया और इस पर विस्तार से चर्चा हुई।’
उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए सरयू नदी के किनारे भूमि के विभिन्न हिस्सों की पहचान की गई है और जल्द ही एक भूखंड को लेकर फैसला किया जाएगा, जिस पर मंदिर संग्रहालय का निर्माण होगा।
अधिकारी ने बताया कि 10 एकड़ जमीन पर बनने वाले इस संग्रहालय के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने पहले ही प्रस्तुति दी जा चुकी है।
उन्होंने कहा, ‘हम इस परियोजना के लिए एक विस्तृत खाका तैयार कर रहे हैं, जहां आने वाले श्रद्धालु भारत के विभिन्न स्थानों में स्थित गौरवशाली हिंदू मंदिरों का अनुभव कर सकेंगे।’
उन्होंने कहा कि इस संग्रहालय की प्रदर्शनी दीर्घाओं में भारत के मंदिरों की विशेषताओं और वास्तुकला को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा और विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई ‘रनिंग कमेंटरी’ के साथ ‘लाइट एंड साउंड शो’ भी आयोजित किया जाएगा।
कुमार ने कहा कि इसमें एक बगीचा, तालाब, ‘कैफेटेरिया’ और एक भूमिगत पार्किंग स्थल भी होगा।
भाषा सं जफर संजय नोमान
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