युवा राहुल गांधी का मज़ाक उड़ाते हैं, उनके कार्यक्रमों में ‘कॉन्सर्ट’ के लिए जाते हैं: हेमांग जोशी

युवा राहुल गांधी का मज़ाक उड़ाते हैं, उनके कार्यक्रमों में ‘कॉन्सर्ट’ के लिए जाते हैं: हेमांग जोशी

युवा राहुल गांधी का मज़ाक उड़ाते हैं, उनके कार्यक्रमों में ‘कॉन्सर्ट’ के लिए जाते हैं: हेमांग जोशी
Modified Date: August 31, 2026 / 04:36 pm IST
Published Date: August 31, 2026 4:36 pm IST

नयी दिल्ली, 31 अगस्त (भाषा) भाजयुमो के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमांग जोशी ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर उनपर निशाना साधा और कहा कि युवा हिंदुत्व एवं भारतीयता के बारे में राहुल गांधी की जानकारी की ‘‘गहराई’’ पर हंसते हैं, तथा उनके कार्यक्रमों में मुख्य रूप से ‘म्यूजिकल कॉन्सर्ट’ के लिए शामिल होते हैं।

गांधी ने अब तक ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत चार कार्यक्रम किए हैं, जो विद्यार्थियों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित हैं।

वडोदरा से भाजपा सांसद जोशी ने दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय के विस्तार कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार संभाला। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और समर्थन के नारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया।

जोशी ने कार्यक्रम से पहले ‘पीटीआई-वीडियो’ के साथ बातचीत में आरोप लगाया कि गांधी जिन समस्याओं को उठाते हैं, उनका समाधान कभी पेश नहीं करते और वह चर्चाओं को इस तरह से पेश करते हैं कि सकारात्मक नतीजे भी समस्यापूर्ण लगने लगते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी युवाओं के बीच जिस तरह के कार्यक्रम कर रहे हैं, उन्हें और उनकी टीम को भी पता है कि युवा मुख्य रूप से ‘म्यूजिकल कॉन्सर्ट’ के लिए ही उन कार्यक्रमों में आते हैं। उन्होंने कभी इस बारे में बात नहीं की कि युवाओं की समस्याओं का उनके पास क्या समाधान है। वह इस तरह से बात करते हैं कि जब कोई सकारात्मक बात भी होती है, तो वह उसमें भी कोई न कोई समस्या ढूंढ़ने की कोशिश करते हैं।’’

जोशी ने कहा कि राहुल गांधी जब युवा थे, तो उम्रदराज़ दिखने के लिए कुर्ता-पायजामा पहनते थे, और अब जब वह उम्रदराज़ हो गए हैं, तो युवा दिखने के लिए टी-शर्ट और जींस पहनते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अब युवा उनका मज़ाक उड़ा रहे हैं। जवानी में उम्रदराज़ दिखने की कोशिश करने के बाद अब युवा दिखने की उनकी कोशिश का नाकाम होना तय है।’’

जोशी ने कुछ लोगों पर राजनीतिक लाभ के लिए युवाओं को अलग-अलग श्रेणियों में बांटने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया और कहा कि युवाओं को सिर्फ़ उम्र के आधार पर परिभाषित करना गलत है।

उन्होंने कहा, ‘‘युवा होने की परिभाषा बस एक आयु सीमा है। पिछली चर्चाओं से यह साफ़ हुआ है कि युवा तो युवा ही होता है। कुछ लोग अपने राजनीतिक फ़ायदे के लिए समूहों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे बांग्लादेश या नेपाल जैसी अराजकता फैले।’’

भाजयुमो प्रमुख ने युवाओं से आग्रह किया कि वे नकारात्मकता से प्रभावित न हों।

उन्होंने कहा, ‘‘युवाओं के लिए मेरा संदेश है कि वे अपने आसपास की नकारात्मकता के प्रति सचेत रहें। अच्छे नागरिक बनने के लिए, उन्हें ऐसी हानिकारक आदतों या लत के प्रभाव में नहीं आना चाहिए जो उनके अपने विकास, उनके परिवार की भलाई और देश की प्रगति में बाधा डालती हों।’’

जोशी ने कहा, ‘‘हमें ऐसी सभी बुराइयों से दूर रहना होगा — चाहे वह मादक पदार्थों की लत हो या वैचारिक प्रदूषण — और ‘विकसित भारत’ की ओर बढ़ना होगा।’’

भाजयुमो प्रमुख के तौर पर अपनी प्राथमिकताओं के बारे में जोशी ने कहा कि वह अपने पूर्ववर्ती तेजस्वी सूर्या के काम को आगे बढ़ाना चाहते हैं। उनकी योजना संगठन को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत करने और युवाओं की ऊर्जा को 2047 तक ‘विकसित भारत’ के विजन की दिशा में लगाने की है।

उन्होंने कहा कि युवा इकाई में देशभक्ति को बढ़ावा देने, नशा-मुक्त भारत बनाने और युवाओं को स्टार्टअप, कृत्रिम मेधा (एआई) तथा अन्य उभरते क्षेत्रों के ज़रिये नौकरी सृजन करने वाला बनने के लिए प्रोत्साहित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा।

जोशी ने कहा, ‘‘युवा न केवल इस देश का वर्तमान हैं, बल्कि वे इसके भविष्य का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। हमें उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने की ज़रूरत है; वरना, यह अनचाही दिशाओं में जा सकती है।’’

भाषा नेत्रपाल सुरेश

सुरेश


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