राजस्थान में युवाओं को ‘बिना खर्ची और पर्ची’ के मिल रहीं नौकरियां: राठौड़

राजस्थान में युवाओं को ‘बिना खर्ची और पर्ची’ के मिल रहीं नौकरियां: राठौड़

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  • Publish Date - January 13, 2026 / 08:53 PM IST,
    Updated On - January 13, 2026 / 08:53 PM IST

जयपुर, 13 जनवरी (भाषा) राजस्थान में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य सरकार के भर्ती कैलेंडर का बचाव करते हुए मंगलवार को कहा कि सरकार ने 2026 के लिए एक लाख से अधिक सरकारी पदों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी कर युवाओं को ऐतिहासिक सौगात दी है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने यहां मीडिया से बातचीत में राज्य की भाजपा सरकार को युवा हितैषी बताते हुए कहा कि यह 44 भर्ती परीक्षाओं की स्पष्ट रूपरेखा है, जिससे युवा समय पर अपनी तैयारी कर सकेंगे।

राठौड़ ने कहा, ‘‘यह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पारदर्शी, समयबद्ध और ईमानदार भर्ती प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्धता का द्योतक है।’’

उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में पांच साल में चार लाख सरकारी और छह लाख निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने का वादा किया था। इसके अनुसरण में पिछले दो साल में 92 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां दी गईं और 1.53 लाख पदों पर प्रक्रियाधीन हैं।

राठौड़ ने इसकी तुलना पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार से करते हुए आरोप लगाया कि उसके कार्यकाल में कई भर्तियां या तो संविदा वाली थीं या अदालतों में अटकी रहीं। उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले दो साल में एक भी प्रश्न पत्र लीक हुए बिना 296 परीक्षाएं आयोजित की गईं।

उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार ने पहली बार राष्ट्रीय युवा दिवस पर वर्ष 2026 में एक लाख से अधिक सरकारी पदों पर भर्ती कैलेंडर जारी कर युवाओं को ऐतिहासिक सौगात दी है।’’

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर निशाना साधते हुए राठौड़ ने कहा, ‘‘आज जो लोग नैतिकता की बात कर रहे हैं, वे अपने कार्यकाल की सच्चाई को नजरअंदाज कर रहे हैं।’’

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई में राज्य सरकार के कामों के कारण उत्साह की नयी किरण का संचार हुआ है, न केवल पारदर्शिता पूर्ण सरकारी नौकरियां मिल रही हैं, बल्कि शिक्षा क्षेत्र के उन्नयन के लिए भी व्यापक कार्य हो रहा है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि कांग्रेस अपने आपसी फूट के संकट से ग्रस्त है और रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने के बजाय अनर्गल बयान दे रही है।

भाषा पृथ्वी खारी

खारी