गुवाहाटी, दो मार्च (भाषा) गुवाहाटी की एक अदालत ने जुबिन गर्ग की मौत के मामले के एक आरोपी के बैंक खाते से लेन-देन पर लगी रोक को ‘तकनीकी चूक’ के कारण हटाने का सोमवार को आदेश दिया तथा आरोपों पर सुनवाई के लिए 19 मार्च की तारीख निर्धारित की। मामले के एक विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) ने यह जानकारी दी।
इस मामले की सुनवाई कर रही कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिला एवं सत्र अदालत ने एक अन्य आरोपी की उस याचिका को भी खारिज कर दिया, जिसमें उसने सिंगापुर पुलिस की रिपोर्ट मांगी थी।
एसपीपी जियाउल कमर ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अदालत ने आरोपों पर विचार के लिए 19 मार्च की तारीख तय की है। उसके बाद सुनवाई शुरू होगी।’’
उन्होंने यह दावा किया कि अभियोजन पक्ष इसके लिए तैयार रहेगा, हालांकि वह (एसपीपी) आरोपी की ओर से कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।
कमर ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि आरोपी क्या करेंगे, कौन-सी याचिका दाखिल कर सकते हैं।’’ उन्होंने आरोपी पर विभिन्न याचिकाएं दाखिल करके सुनवाई में देरी करने की रणनीति अपनाने का पहले आरोप लगाया था।
उन्होंने कहा कि अदालत ने ‘‘तकनीकी कारणों’’ से आरोपी श्यामकानु महंत के बैंक खाते से लेन-देन पर लगाई गई रोक हटाने का आदेश दिया है।
गर्ग की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग ने महंत के बैंक खाते से लेन-देन पर लगी रोक हटाने के आदेश पर “निराशा” व्यक्त की। वह सुनवाई के दौरान अपनी ननद पाल्मे बड़ठाकुर के साथ मौजूद थीं।
उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे लिए बुरी खबर है। यह आदेश प्रक्रियात्मक चूक या तकनीकी कारणों से दिया गया।’’
वरिष्ठ वकील ने यह भी कहा कि अदालत ने एक अन्य आरोपी, सिद्धार्थ शर्मा, की उस याचिका को भी खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने गर्ग के मामले में सिंगापुर पुलिस की रिपोर्ट की प्रति मांगी थी।
उन्होंने कहा, ‘‘अदालत ने कहा कि असम पुलिस ने पहले ही सभी विवरण प्राप्त कर लिये हैं और आरोपी 10 से 12 मार्च तक अपराह्न दो बजे से चार बजे के बीच इसे देख सकते हैं।’’
जहां तक शर्मा द्वारा गुवाहाटी में अपने फ्लैट की जब्ती हटाने की मांग का सवाल है, कमर ने कहा कि अदालत ने आदेश दिया है कि यदि शर्मा पुलिस को 16 लाख रुपये का बैंक गारंटी जमा कराते हैं, तो फ्लैट खोला जा सकता है।
जुबिन गर्ग के प्रबंधक शर्मा पर यह आरोप है कि उन्होंने फ्लैट खरीदते समय गायक से हड़पे गए 16 लाख रुपये का उपयोग किया।
भाषा सुरेश दिलीप
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