Asha Bhosle RD Burman Marriage Story : “बहू नहीं मानूंगी”, आखिर क्यों आशा भोसले को स्वीकार नहीं कर पाई थीं मीरा देवी? निधन के बाद खुला पूरा सच

दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनका जीवन संघर्ष, प्यार और संगीत के अद्भुत सफर से भरा रहा, जिसमें आर.डी. बर्मन के साथ उनका रिश्ता भी हमेशा चर्चा में रहा।

Asha Bhosle RD Burman Marriage Story :  “बहू नहीं मानूंगी”, आखिर क्यों आशा भोसले को स्वीकार नहीं कर पाई थीं मीरा देवी? निधन के बाद खुला पूरा सच

Asha Bhosle RD Burman Marriage Story / Image Source : X

Modified Date: April 13, 2026 / 11:39 pm IST
Published Date: April 13, 2026 11:37 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 92 वर्ष की उम्र में आशा भोसले का निधन
  • आर.डी. बर्मन के साथ रिश्ता रहा चर्चा में
  • संघर्षों के बीच बनाया संगीत में बड़ा नाम

एंटरटेनमेंट डेस्क : Asha Bhosle RD Burman Marriage Story  भारतीय संगीत जगत की कोहिनूर आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में 12 अप्रैल को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। सीने में संक्रमण और कमजोरी के कारण उन्हें भर्ती कराया गया था, लेकिन रविवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके जाने से संगीत के एक युग का अंत हो गया है, जिसके बाद अब उनके जीवन के संघर्षों और आर.डी. बर्मन के साथ उनके मशहूर लेकिन चुनौतीपूर्ण रिश्ते की कहानियां फिर से चर्चा में हैं।

Asha Bhosle funeral Mumbai आर.डी. बर्मन से शादी और सास का विरोध

आशा भोसले और आर.डी. बर्मन की मुलाकात संगीत के गलियारों में हुई और 1980 में दोनों ने शादी कर ली। हालांकि, यह रिश्ता पंचम दा के परिवार के लिए स्वीकार करना आसान नहीं था। उनकी मां मीरा देवी इस शादी के सख्त खिलाफ थीं। इसके पीछे मुख्य कारण तत्कालीन समाज के पारंपरिक विचार थे। आशा भोसले उम्र में आर.डी. बर्मन से छह साल बड़ी थीं और वह पहले से ही तीन बच्चों की मां थीं। इन्हीं कारणों से मीरा देवी ने उन्हें अपनी बहू के रूप में स्वीकार करने से इनकार कर दिया था, जिसके चलते उन्होंने बेहद सादगी से विवाह किया।

पहली शादी का दर्द और संघर्ष

आशा ताई का निजी जीवन संघर्षों से भरा रहा। महज 16 साल की उम्र में उन्होंने अपनी उम्र से काफी बड़े गणपतराव भोसले से शादी की थी, जो लता मंगेशकर के सेक्रेटरी थे। यह शादी उनके लिए किसी बुरे सपने जैसी थी। 1960 में जब वह अपने तीसरे बच्चे के साथ गर्भवती थीं, तब उन्होंने ससुराल के उत्पीड़न और दुखों से तंग आकर वह घर छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने एक सिंगल मदर के तौर पर अपने तीनों बच्चों का पालन-पोषण किया और संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई।

निधन पर दिग्गजों ने जताया दुःख

आशा भोसले और पंचम दा का रिश्ता संगीत के प्रति गहरे सम्मान पर टिका था। हालांकि बाद के वर्षों में स्वास्थ्य कारणों के अंतर की वजह से वे अलग रहने लगे थे, लेकिन 1994 में पंचम दा के निधन तक दोनों का भावनात्मक लगाव अटूट रहा। उनके निधन पर शाहरुख खान, अक्षय कुमार और काजोल जैसी दिग्गज हस्तियों ने शोक जताते हुए इसे अपूरणीय क्षति बताया है। आशा ताई भले ही हमारे बीच नहीं रहीं, लेकिन उनकी जादुई आवाज और उनका जुझारू व्यक्तित्व संगीत प्रेमियों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेगा।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and news producer at IBC24. A Gold Medalist in Journalism and Mass Communication, I specialize in news production, content writing, and digital storytelling. With a keen interest in political and crime reporting, I believe in delivering accurate, ethical, and impactful journalism that informs and connects with people.