Mahesh Anand Death: कभी फिल्ममेकर्स की पहली पसंद, फिर गुमनामी में मौत… इस बॉलीवुड एक्टर की सड़ी-गली लाश लेने विदेश से आई पत्नी, पूरी कहानी चौंका देगी

Mahesh Anand Death: कभी फिल्ममेकर्स की पहली पसंद, फिर गुमनामी में मौत… इस बॉलीवुड एक्टर की सड़ी-गली लाश लेने विदेश से आई पत्नी, पूरी कहानी चौंका देगी

Mahesh Anand Death: कभी फिल्ममेकर्स की पहली पसंद, फिर गुमनामी में मौत… इस बॉलीवुड एक्टर की सड़ी-गली लाश लेने विदेश से आई पत्नी, पूरी कहानी चौंका देगी

mahesh anand/ image source: wikipedia

Modified Date: April 7, 2026 / 01:20 pm IST
Published Date: April 7, 2026 1:13 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 80-90 दशक के टॉप विलेन
  • 300 से ज्यादा फिल्मों में काम
  • निजी जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव

Mahesh Anand Death: रायपुर: फिल्म इंडस्ट्री में सफलता और गुमनामी के बीच की दूरी अक्सर बहुत कम होती है, और इसका जीता-जागता उदाहरण रहे अभिनेता Mahesh Anand। 80-90 के दशक में अपने दमदार विलेन किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले महेश आनंद ने अपने करियर की शुरुआत बतौर मॉडल और डांसर की थी। साल 1984 में फिल्म ‘करिश्मा’ से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा और अपनी लंबी कद-काठी व प्रभावशाली स्क्रीन प्रेजेंस के कारण जल्द ही इंडस्ट्री के पसंदीदा खलनायकों में शामिल हो गए। उन्होंने ‘कुली नंबर वन’, ‘शहंशाह’, ‘गंगा जमुना सरस्वती’, ‘विश्वात्मा’ और ‘तूफान’ जैसी 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी।

Mahesh Anand Biography: निजी जिंदगी उतनी ही उतार-चढ़ाव भरी रही

हालांकि, पर्दे पर सफलता पाने वाले महेश आनंद की निजी जिंदगी उतनी ही उतार-चढ़ाव भरी रही। उन्होंने अपने जीवन में कुल पांच शादियां कीं, लेकिन कोई भी रिश्ता लंबे समय तक नहीं टिक सका। उनकी पहली शादी बरखा रॉय से हुई, जो अभिनेत्री रीना रॉय की बहन हैं। इसके बाद उन्होंने मिस इंडिया इंटरनेशनल एरिका मारिया डिसूजा से शादी की, जिनसे उनका एक बेटा भी हुआ। बाद में मधु मल्होत्रा, उषा बचानी और रूसी महिला लाना के साथ भी उन्होंने वैवाहिक जीवन बिताने की कोशिश की, लेकिन हर बार उन्हें असफलता ही हाथ लगी। रिश्तों में आई इन दरारों ने उनके जीवन को गहराई से प्रभावित किया।

Bollywood Villain Mahesh Anand Life: 18 साल गरीबी में बिताए और बाद के वर्षों में भी आर्थिक तंगी से जूझते रहे

करियर और निजी जीवन की परेशानियों के बीच महेश आनंद का अंतिम समय बेहद दर्दनाक रहा। शुरुआती संघर्ष के दिनों में उन्होंने करीब 18 साल गरीबी में बिताए और बाद के वर्षों में भी आर्थिक तंगी से जूझते रहे। हालात इतने खराब हो गए थे कि उनके पास बुनियादी जरूरतें पूरी करने तक के पैसे नहीं बचे थे। 9 फरवरी 2019 को वे मुंबई के वर्सोवा स्थित अपने फ्लैट में मृत पाए गए, जहां वे अकेले रह रहे थे। दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची पुलिस ने उन्हें सोफे पर मृत अवस्था में पाया, और शरीर में सड़न शुरू हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उनकी मौत को प्राकृतिक कारण बताया।

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लेखक के बारे में

पत्रकारिता और क्रिएटिव राइटिंग में स्नातक हूँ। मीडिया क्षेत्र में 3 वर्षों का विविध अनुभव प्राप्त है, जहां मैंने अलग-अलग मीडिया हाउस में एंकरिंग, वॉइस ओवर और कंटेन्ट राइटिंग जैसे कार्यों में उत्कृष्ट योगदान दिया। IBC24 में मैं अभी Trainee-Digital Marketing के रूप में कार्यरत हूँ।