AI Drone Robot Delivery: अब बिना डिलीवरी बॉय के पहुंचेगा सामान, लॉन्च हुआ देश का पहला ऑटोमैटिक डिलीवरी सिस्टम, जानें कैसे करेगा काम

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AI Drone Robot Delivery: अब बिना डिलीवरी बॉय के पहुंचेगा सामान, लॉन्च हुआ देश का पहला ऑटोमैटिक डिलीवरी सिस्टम, जानें कैसे करेगा काम

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  • Publish Date - February 24, 2026 / 10:41 AM IST,
    Updated On - February 24, 2026 / 12:05 PM IST

AI Drone Robot Delivery | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • गुरुग्राम में देश का पहला फिजिकल AI डिलीवरी नेटवर्क लॉन्च हुआ
  • ड्रोन और एआई रोबोट अब घर-घर सामान और खाना पहुंचाएंगे
  • इससे ट्रैफिक और प्रदूषण कम होने की उम्मीद है

गुरुग्राम: AI Drone Robot Delivery भारत में अब तक जब भी कोई व्यक्ति ऑनलाइन सामान या खाना ऑर्डर करता था, तो डिलीवरी बॉय उसके दरवाजे तक पैकेट पहुंचाता था। बारिश हो या धूप, ट्रैफिक हो या देर रात, डिलीवरी बॉय हर हाल में ऑर्डर पहुंचाने की कोशिश करता था। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। टेक्नोलॉजी की एंट्री के साथ डिलीवरी सिस्टम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। हरियाणा के गुरुग्राम में तकनीक ने डिलीवरी सिस्टम को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है, जहां इंसानों की जगह ड्रोन और एआई रोबोट घर-घर सामान पहुंचा रहे हैं।

AI Drone Food Delivery दरअसल, गुरुग्राम में देश का पहला ऑटोमैटिक ‘फिजिकल AI’ डिलीवरी नेटवर्क कमर्शियल तौर पर लॉन्च कर दिया गया है। अब सेक्टर 102 के निवासियों को अपना खाना या सामान किसी डिलीवरी बॉय से नहीं, बल्कि ड्रोन और एआई आधारित रोबोट से प्राप्त होगा। सोमवार से इस नेटवर्क ने कमर्शियल काम शुरू कर दिया है। इसके साथ ही भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जहां ड्रोन और रोबोट सामान पहुंचा रहे हैं। दिल्ली में आयोजित ‘AI इम्पैक्ट समिट 2026’ के बाद इस सिस्टम को गुरुग्राम में लॉन्च किया गया है। माना जा रहा है कि इससे गुरुग्राम की सड़कों पर आने वाले समय से जाम और पर्यावरण प्रदूषण से भी राहत मिलेगी।

गुरुग्राम में फिजिकल AI इंफ्रास्ट्रक्चर की शुरुआत

स्काई एयर मोबिलिटी के फाउंडर और CEO अंकित कुमार ने कहा कि, “हमने अपने हाइपरलोकल डिलीवरी पोर्ट, स्काई पोर्ट को एक फिजिकल AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ा है। अब तक, हम ड्रोन का इस्तेमाल करके डिलीवरी कर रहे हैं। हमने पिछले 2.5 सालों में लगभग 3.6 मिलियन ड्रोन डिलीवरी की हैं, जिससे एक हजार टन से ज़्यादा कार्बन की बचत हुई है। जैसा कि हमने आज AI इम्पैक्ट समिट में घोषणा की, हमने NASDAQ पर लिस्टेड एक अमेरिकी कंपनी, अराइव AI के साथ एक एग्रीमेंट, एक कोलैबोरेशन साइन किया है। हम उनके अराइव पॉइंट, एक स्मार्ट मेलबॉक्स सिस्टम को रेजिडेंशियल टाउनशिप या कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में इंस्टॉल करते हैं, जहाँ ड्रोन पैकेज डिलीवर करता है, सब ऑटोमैटिकली। तीसरी कंपनी जिसके साथ हमने कोलैबोरेट किया है, वह है ऑटोनॉमी, एक अमेरिकी कंपनी जिसने एक ऑटोनॉमस रोवर डेवलप किया है जो ऑटोमैटिकली एक शिपमेंट को उसके अराइवल पॉइंट से रिसीव करता है और उसे कंज्यूमर के दरवाज़े तक डिलीवर करता है। कंज्यूमर अपना OTP डाल सकते हैं और ऑटोमैटिकली शिपमेंट रिसीव कर सकते हैं। फ्यूचर में, हम इसे गुरुग्राम में हर लोकेशन, हर एरिया में ले जाएंगे, और, जैसा कि हमारे प्राइम मिनिस्टर ने कहा है। उन्होंने कहा, “भारत AI के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति करने के लिए तैयार है। भारत दुनिया का पहला देश है जहां हम इसे शुरू कर रहे हैं। इसकी नींव यहीं रखी गई है, और हम इसे पहले गुरुग्राम में एक्सप्लोर करना चाहते हैं, और फिर भारत के दूसरे शहरों में बढ़ाना चाहते हैं, और फिर हम इसे बाकी दुनिया में भी ले जाएंगे।”

जानें कैसे करेगा काम

इस सिस्टम में स्काई एयर के ड्रोन 10 किलोग्राम तक का सामान तय ‘अराइव पॉइंट्स’ तक पहुंचाते हैं। ये अराइव पॉइंट्स स्मार्ट और ऑटोमेटेड मेलबॉक्स की तरह काम करते हैं। इसके बाद AI आधारित ग्राउंड रोबोट अंतिम चरण की डिलीवरी संभालते हैं और ग्राहक के घर तक पैकेट पहुंचाते हैं। रोबोट भीड़भाड़ और संकरी गलियों में भी आसानी से रास्ता ढूंढ सकते हैं, जिससे डिलीवरी तेज और सुरक्षित होती है।

 

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गुरुग्राम में नया डिलीवरी सिस्टम कब शुरू हुआ?

सोमवार से सेक्टर 102 में कमर्शियल तौर पर इसकी शुरुआत हुई है।

इस सिस्टम में कौन-कौन सी तकनीकें इस्तेमाल हो रही हैं?

ड्रोन, स्मार्ट मेलबॉक्स (अराइव AI) और ऑटोनॉमस रोवर (ऑटोनॉमी)।

उपभोक्ता पैकेज कैसे रिसीव करेंगे?

उपभोक्ता OTP डालकर ऑटोमैटिकली पैकेज रिसीव कर सकते हैं।