Vishnu Ke Sushasan: नल-जल योजना से संवर रहा छत्तीसगढ़ियों का कल.. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से 41 लाख से ज्यादा परिवारों तक पहुंचा पेयजल कनेक्शन
Nal jal yojana chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत 41 लाख से अधिक घरों में नल कनेक्शन, 5,564 गांव ‘हर घर जल’ घोषित।
Nal jal yojana chhattisgarh || Image- DPR Chhattisgarh File
- 41 लाख से अधिक नल कनेक्शन
- 5,564 गांव ‘हर घर जल’ घोषित
- 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित
रायपुर: छत्तीसगढ़ की साय सरकार आम लोगों के जनजीवन को बेहतर करने, उनके जीवन स्तर को ऊँचा उठाने के लिए संकल्पबद्ध है। यही वजह है कि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से इतर प्रदेश के मुख्यमंत्री आम प्रदेशवासियों के दैनिक जरूरतों को लेकर भी गंभीर है। (Nal jal yojana chhattisgarh) मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अफसरों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि, राज्य और केंद्र की योजनाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाये। मुख्यमंत्री के इन निर्देशों का परिणाम भी देखने को मिल रहा है।
41 लाख 87 हजार से अधिक घरों में नल कनेक्शन
छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल व्यवस्था में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। साय सरकार ने बताया कि राज्य में अब तक 41 लाख 87 हजार से अधिक घरों में नल कनेक्शन लगाए जा चुके हैं। इससे 32 लाख से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को सीधे शुद्ध पेयजल की सुविधा मिल रही है।
5,564 गांव औपचारिक रूप से ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित
इस संबंध में उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि मिशन की शुरुआत से पहले राज्य में केवल 3 लाख 19 हजार घरेलू नल कनेक्शन थे। पिछले दो वर्षों में इसमें तेज वृद्धि हुई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था में बुनियादी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और सतत जल आपूर्ति सुनिश्चित करना है। सम्मेलन में बताया गया कि राज्य के 6,572 गांवों में शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन का कार्य पूरा हो चुका है। (Nal jal yojana chhattisgarh) इनमें से 5,564 गांवों को औपचारिक रूप से ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया गया है, जबकि 4,544 गांवों का विधिवत प्रमाणीकरण भी हो चुका है। बीते दो वर्षों में ‘हर घर जल’ प्रमाणित गांवों की संख्या में लगभग 750 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
जल आपूर्ति योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए 5,088 ग्राम पंचायतों को योजनाओं का हस्तांतरण किया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर रखरखाव और निगरानी की व्यवस्था मजबूत हुई है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन केवल नल कनेक्शन देने तक सीमित नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक और गुणवत्तापूर्ण जल आपूर्ति सुनिश्चित करना इसका मुख्य उद्देश्य है।
राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित
मिशन से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में 3.08 लाख हैंडपंप, 4,440 नलजल योजनाएं और 2,132 स्थल जल प्रदाय योजनाएं संचालित थीं। वर्तमान में 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं प्रगति पर हैं, जिनसे 3,208 गांवों को लाभ मिल रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से लगभग 9.85 लाख अतिरिक्त नल कनेक्शन जोड़े जा रहे हैं। जल गुणवत्ता की निगरानी के लिए राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें से 47 को मान्यता प्राप्त है। आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-0008 भी सक्रिय किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। (Nal jal yojana chhattisgarh) पिछले दो वर्षों में दोषपूर्ण कार्यों के कारण 28.38 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही 629 अनुबंध रद्द किए गए हैं और 11 निर्माण एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट किया गया है।
8 लाख नल कनेक्शन और अधूरी योजनाओं को शीघ्र पूरा करना प्राथमिकता
सरकार ने संकेत दिए हैं कि शेष लगभग 8 लाख नल कनेक्शन और अधूरी योजनाओं को शीघ्र पूरा करना प्राथमिकता में है। राज्य के सभी गांवों तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य के साथ जल जीवन मिशन को छत्तीसगढ़ में एक स्थायी और भरोसेमंद मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रयास लगातार जारी हैं।
बिछाया गया 2800 मीटर पाइपलाइन
छत्तीसगढ़ में गांव के अंतिम छोरों तक हर घर नल से जल पहुंचाने का सपना जल जीवन मिशन पूरा कर रहा है। महासमुंद जिले के अंतिम छोर पर ओडिशा सीमा से लगे ग्राम पंचायत टेड़ीनारा के सोहागपुर में मिशन के अंतर्गत किए गए कार्यों से अब हर घर नल से पानी पहुंच रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने यहां स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति के लिए 54 लाख 38 हजार रुपए की लागत से 40 किलो लीटर का उच्च स्तरीय जलागार बनाया है। गांव में 2800 मीटर पाइपलाइन बिछाकर तथा 140 घरेलू नल कनेक्शन प्रदान कर हर घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया गया है। सोहागपुर को विगत दिसम्बर माह में हर घर जल ग्राम घोषित किया गया है।
पेयजल के लिए पहले सोहागपुर के लोग हैंडपंपों, पावर पंपों और कुंओं पर निर्भर थे। बरसात में महिलाओं को दूर से पानी लाने में काफी दिक्कत होती थी। अब घर तक पानी पहुंचने से महिलाओं का बहुत सा समय बच रहा है। इससे वे अपने आजीविका संबंधी कार्यों, बच्चों तथा घर-परिवार को ज्यादा समय दे पा रही हैं। घर के सभी लोगों के लिए रोज-रोज पानी के इंतजाम में होने वाली परेशानियों से भी उन्हें निजात मिल गई है

1.56 लाख 245 ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य
जांजगीर-चांपा जिले से विभाजित होकर 9 सितम्बर 2022 को सक्ती छत्तीसगढ़ के 33वें जिले के रूप में अस्तित्व में आया था। नया जिला बनने के बाद से ही जनभागीदारी, प्रशासनिक प्रतिबद्धता और निरंतर मॉनिटरिंग के कारण वहां जल जीवन मिशन का काम शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में अग्रणी रहा है। प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने कि लिए सक्ती जिले के 456 गांवों लिए 565 योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। कुल 601 करोड़ 72 लाख 72 हजार रुपए लागत की इन योजनाओं से जिले के एक लाख 56 हजार 245 ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
जिला गठन के पूर्व सक्ती जिले में केवल 58 हजार 491 परिवारों के पास ही नल कनेक्शन थे। जल जीवन मिशन के तहत 181 गांवों के हर घर जल प्रमाणीकरण के बाद अब एक लाख 37 हजार 139 घरों में नल से जल पहुंच रहा है। जिले में जल जीवन मिशन के सघन और प्रभावी क्रियान्वयन के फलस्वरूप चारों विकासखंडों सक्ती, जैजैपुर, डभरा और मालखरौदा में नल-जल योजनाओं के काम तेजी से पूर्ण हो रहे हैं। सक्ती विकासखंड में 36 हजार 087 परिवारों में से अब तक 34 हजार 176 परिवारों को नल कनेक्शन मिल चुके हैं। जैजैपुर विकासखंड में 43 हजार 448 परिवारों में से 35 हजार 400 को घरेलू जल कनेक्शन प्राप्त हो गए हैं। डभरा विकासखंड में 40 हजार 278 में से 33 हजार 338 परिवार और मालखरौदा में 36 हजार 432 में से 34 हजार 225 परिवारों तक नल से जल पहुंच रहा है।

क्या है नल-जल कनेक्शन योजना?
छत्तीसगढ़ की नल जल योजना दरअसल केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन के तहत राज्य में संचालित एक महत्वाकांक्षी योजना है, (Nal jal yojana chhattisgarh) जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के हर घर तक शुद्ध और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है।
योजना का मुख्य उद्देश्य
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हर ग्रामीण परिवार को घर पर नल के माध्यम से स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना।
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महिलाओं और बच्चों को पानी लाने की परेशानी से मुक्त करना।
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जलजनित बीमारियों को कम करना।
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गांवों में सतत और सुरक्षित जल आपूर्ति व्यवस्था विकसित करना।
योजना की खास बातें
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प्रत्येक घर में फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) देना।
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पाइपलाइन के जरिए नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करना।
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जल गुणवत्ता की जांच के लिए प्रयोगशालाओं की स्थापना।
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ग्राम पंचायतों को जल योजनाओं का संचालन और रखरखाव सौंपना।
कैसे काम करती है योजना?
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पानी का स्रोत (नदी, बांध, भूजल आदि) तय किया जाता है।
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शुद्धिकरण संयंत्र के जरिए पानी को साफ किया जाता है।
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पाइपलाइन नेटवर्क बनाकर घरों तक जल पहुंचाया जाता है।
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स्थानीय स्तर पर ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियां निगरानी करती हैं।
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