IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026: हर दिन 6-7 घंटे करती थी पढ़ाई, 96.40% अंक लाकर टॉपर बनीं छोटे से गांव की बेटी डूनिशा, IBC24 ने स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप से किया सम्मानित, अब PSC की तैयारी का सपना

IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026: हर दिन 6-7 घंटे करती थी पढ़ाई, 96.40% अंक लाकर टॉपर बनीं छोटे से गांव की बेटी डूनिशा, IBC24 ने स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप से किया सम्मानित, अब PSC की तैयारी का सपना

IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026: हर दिन 6-7 घंटे करती थी पढ़ाई, 96.40% अंक लाकर टॉपर बनीं छोटे से गांव की बेटी डूनिशा, IBC24 ने स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप से किया सम्मानित, अब PSC की तैयारी का सपना

IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026

Modified Date: August 19, 2026 / 07:57 pm IST
Published Date: August 19, 2026 7:57 pm IST

रायपुर। IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026: यदि एक आदमी शिक्षित होता है तो केवल एक व्यक्ति शिक्षित होता है, लेकिन जब एक बेटी शिक्षित होती है तो पूरी पीढ़ी शिक्षित होती है। कुछ इन्हीं भावों और विचारों के साथ मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का नंबर वन न्यूज चैनल IBC24 हर वर्ष बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ठ अंक अर्जित करने वाली बेटियों को स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप (Swarna Sharda Scholarship 2026) प्रदान करता है। स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप केवल एक स्कॉलरशिप ही नहीं हैं, बल्कि यह उन बेटियों के भविष्य के लिए अंशदान है, जो समाज और अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बने हैं। इस बार भी छत्तीसगढ़ की 12वीं की बोर्ड परीक्षा में स्टेट टॉपर बेटी को 1 लाख रुपए, उनके स्कूल को 1 लाख रुपए और जिले में प्रथम आने वाली बेटियों को 50-50 हजार रुपए प्रदान किया गया। सम्मान पाने वालों में सक्ती जिले के भेड़िकोना की डूनिशा साहू भी शामिल है।

खेती किसानी करते है डूनिशा के पिता

सक्ती जिले के भेड़िकोना गांव में रहने वाली डूनिशा साहू ने 12वीं में 96. 40 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण हुई है, वह साइंस विषय की छात्रा है। 12वीं में डूनिशा ने 96.40 प्रतिशत 482 अंकों के साथ उत्तीर्ण की है। वह शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला हसौद में पढ़ाई की। डूनिशा साहू जिले के एक छोटे से गांव भेड़िकोना में रहकर पढ़ाई की। डूनिशा के पिता सुरेश कुमार साहू किसान है, खेती किसानी करते हैं साथ ही छोटे से किराना दुकान है। खेती के साथ ही साथ दुकान में भी रहते है। वहीं माता सुशीला बाई साहू गृहणी का काम करती है।

प्रतिदिन 6 से 7 घंटे करती थी पढ़ाई

डूनिशा ने बताया कि वह घर में ही रहकर प्रतिदिन 6 से 7 घंटे पढ़ाई करती थी और एक ही विषय केमेस्ट्री में कोचिंग की है, बाकी विषयों की पढ़ाई घर में ही करती थी। डूनिशा पढ़ाई के साथ साथ खेलकूद में भी विशेष रुचि रखती है। इन्होंने आगे पीएससी की तैयारी करने की इच्छा जाहिर की है। परिवार के माता पिता भी बेटी को आगे पढ़ाई में हरसंभव मदद करने व पीएससी की पढ़ाई में मदद करने की बात कही है। डूनिशा पढ़ाई के साथ साथ मां के साथ किचन में भी सहयोग करती है और सुबह शाम सरस्वती माँ व गायत्री माँ की पूजा अर्चना करती है।

2015 से दी जा रही है यह स्कॉलरशिप

बता दें कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का नंबर वन न्यूज चैनल 2015 से ही यह स्कॉलरशिप प्रदान कर रहा है। IBC24 अपने स्थापना के समय से ही बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत रहा है। स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप हमारे इस मुहिम की एक बानगी है। इसके जरिए हम बेटियों को उड़ान भरने के लिए आसमान देते हैं, जिससे वह समाज बीच बेटियों के लिए पनपी गलत धारणाओं को दूर कर सकें।


लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.