इस्लामाबाद: Islamabad News: पाकिस्तान के जेवलिन थ्रोअर और ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट अरशद नदीम ने अपनी ही सरकार की कार्यशैली और वादाखिलाफी को लेकर बड़ा खुलासा किया है। पेरिस ओलंपिक 2024 में गोल्ड मेडल जीतने वाले अरशद ने एक इंटरव्यू में बताया कि सरकार ने जो वादे उनसे किए थे उनमें से कई पूरे नहीं किए गए खासकर उस प्लॉट का जो उन्हें इनाम के तौर पर देने की घोषणा की गई थी। Arshad Nadeem
Arshad Nadeem: अरशद नदीम ने जियो न्यूज को दिए इंटरव्यू में स्पष्ट शब्दों में कहा कि मेरे लिए घोषित किए गए पुरस्कारों में से सबसे महत्वपूर्ण वादा प्लॉट देने का था लेकिन वह अब तक पूरा नहीं किया गया है। ऐसी घोषणाएं महज कागज़ों तक सीमित रहीं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था तब सरकार और अधिकारियों ने बड़े-बड़े दावे किए थे लेकिन अब सब भूल चुके हैं।
Arshad Nadeem: बता दें कि अरशद नदीम ने पेरिस ओलंपिक में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीता था और पाकिस्तान को 1996 के बाद पहली बार ओलंपिक में मेडल दिलाया। उनके इस प्रदर्शन को पूरे देश में सराहा गया था और उन्हें राष्ट्रीय हीरो घोषित किया गया था। लेकिन अब अरशद की यह नाराज़गी और सार्वजनिक बयान यह साफ दर्शाते हैं कि पाकिस्तान में खिलाड़ियों को मिलने वाला सम्मान और सरकारी सहयोग महज एक इवेंट तक सीमित रह गया है।
सरकारी वादे के अनुसार अरशद नदीम को पेरिस ओलंपिक में गोल्ड जीतने के बाद इनाम स्वरूप प्लॉट देने की घोषणा की गई थी, लेकिन अरशद का आरोप है कि यह वादा अभी तक पूरा नहीं किया गया और केवल कागज़ों तक सीमित रह गया।
"पेरिस ओलंपिक 2024 में अरशद नदीम" ने कौन सा मेडल जीता?
अरशद नदीम ने जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीता, जिससे वह पाकिस्तान के लिए ओलंपिक में 1996 के बाद पहला मेडल जीतने वाले एथलीट बने।
क्या "अरशद नदीम को सम्मान" मिला?
जी हां, ओलंपिक में जीत के बाद उन्हें राष्ट्रीय हीरो घोषित किया गया था, लेकिन अरशद के अनुसार यह सम्मान कुछ समय तक ही सीमित रहा और लंबे समय तक सहयोग नहीं मिला।
"पाकिस्तान सरकार की खेल नीति" खिलाड़ियों के लिए कितनी मददगार है?
अरशद नदीम के बयान से स्पष्ट है कि सरकार द्वारा की गई घोषणाएं कई बार केवल औपचारिकता रह जाती हैं और खिलाड़ियों को वादा किया गया सहयोग समय पर या पूरी तरह से नहीं मिलता।
"अरशद नदीम इंटरव्यू" में उन्होंने और क्या खुलासा किया?
उन्होंने बताया कि सरकार और अधिकारियों ने गोल्ड जीतने के बाद बड़े वादे किए, लेकिन बाद में किसी ने उन पर ध्यान नहीं दिया। इससे उनकी नाराजगी सामने आई है।