CM Mohan Yadav News: MP राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय का होगा गठन, 30 मिनट से भी कम समय में पहुंचेगी एंबुलेंस, सीएम मोहन यादव ने अफसरों को दिए ये निर्देश

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CM Mohan Yadav News: MP राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय का होगा गठन, 30 मिनट से भी कम समय में पहुंचेगी एंबुलेंस, सीएम मोहन यादव ने अफसरों को दिए ये निर्देश

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  • Publish Date - May 21, 2026 / 11:46 PM IST,
    Updated On - May 21, 2026 / 11:48 PM IST

CM Mohan Yadav News/Image Credit: IBC24 File

HIGHLIGHTS
  • MP में जल्द शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना
  • 1164 रूटों पर 5206 बसें चलाने की तैयारी
  • सड़क हादसों में 30 मिनट से कम समय में पहुंचेगी एम्बुलेंस

भोपालः CM Mohan Yadav News मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में नागरिकों को संस्थागत लोक परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिये मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना शीघ्र प्रारंभ की जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक ले रहे थे। बताया गया कि प्रदेश में सड़क सुरक्षा सचिवालय का गठन किया जा रहा है। बैठक में परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव (CM Mohan Yadav News) ने कहा है कि आमजन के लिए सुरक्षित, सुगम और सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना हमारा दायित्व है। बेहतर लोक परिवहन आसान यात्रा का साधन ही नहीं, प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास की जीवन रेखा भी है। प्रदेश की सीमा में अन्य राज्यों से आने वाले मालवाहक वाहनों की जांच के लिए परिवहन चौकियों और टोल नाकों को और अधिक आधुनिक एवं सुविधा सम्पन्न बनाया जाए। इसके लिए परिवहन चौकियों को शीघ्र ही एकीकृत (इंटीग्रेटेड) करने के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहवीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग में मानव संसाधन की कमी की पूर्ति अभियान चलाकर की जाए।

30 मिनट में पहुंचेगी एम्बुलेंस

मुख्यमंत्री डॉ. यादव (CM Mohan Yadav News) ने कहा कि प्रदेश में सर्वाधिक दुर्घटना क्षेत्रों की मैपिंग करा ली जाए, जिससे जरूरतमंदों को जल्द से जल्द मेडिकल सर्विसेस मुहैया कराई जा सकें। विभिन्न विभागों द्वारा दी जा रही एम्बुलेंस सेवाओं को एक प्लेटफार्म पर लाया जाए, जिससे दुर्घटना क्षेत्रों में जरूरतमंद तक 30 मिनट से भी कम समय में एम्बुलेंस ऑटो मोड (जो स्पॉट से निकटतम हो) में पहुंच जाए।

‘म.प्र. राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय’ का होगा गठन

बैठक में सचिव परिवहन मनीष सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा क्रियान्वित पीएम-राहत योजना एवं राहवीर योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश, पूरे देश में पहले स्थान पर है। पीएम-राहत योजना में राज्य के सभी 55 जिलों में जिला नोडल अधिकारियों को ऑनबोर्ड किया जा चुका है। योजना में कुल 2,298 प्रकरणों में से 1692 प्रकरण अनुमोदित कर दिए गए हैं। राहवीर योजना में कुल 109 आवेदन मिले, इनमें से 49 प्रकरण मंजूर कर लिए गए हैं। बालाघाट जिले में राहवीर योजना पर बहुत अच्छा काम हुआ है।

बैठक में बताया गया कि हाल ही में मध्यप्रदेश में हुई सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी (SCCoRS) की बैठक में कमेटी के अध्यक्ष एवं सदस्यों द्वारा इन दोनों योजनाओं के प्रचार-प्रसार एवं सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार की पहल की बेहद सराहना की गई है। इसी कमेटी की अनुशंसा पर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में पृथक से ‘म.प्र. राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय’ का गठन भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में विभाग को दिए गए 4,400 करोड़ रूपए के लक्ष्य के विरूद्ध कुल 4911.78 करोड़ रूपए राजस्व आय अर्जित की गई। दिए गए लक्ष्य से विभाग द्वारा 111.6 प्रतिशत अधिक राजस्व अर्जन किया गया है। वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए करीब 5,721 करोड़ रूपए राजस्व आय का लक्ष्य रखा गया है। परिवहन विभाग द्वारा प्रदेश में 51 प्रकार की फेसलेस सर्विसेस दी जा रही हैं। इससे नागरिकों को बिचौलियों से तो मुक्ति मिली ही है, साथ ही पारदर्शितापूर्ण सेवा प्रदाय भी सुनिश्चित हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन सभी उपलब्धियों के लिए विभागीय मंत्री, अधिकारियों एवं मैदानी अमले को भी बधाई दी।

‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना’

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने (CM Mohan Yadav News) ग्रामीण नेटवर्क विस्तार, महिला सुरक्षा और प्रदेश के नागरिकों को संस्थागत लोक परिवहन की सुविधा मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार की ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना’ की अद्यतन प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि योजना का जल्द से जल्द फील्ड में शुभारंभ किया जाए। सचिव, परिवहन मनीष सिंह ने बताया कि योजना को धरातल पर लाने के लिए तेजी से प्रक्रियागत काम जारी है। यह योजना दो चरणों में चलाई जाएगी। इसके लिए प्रदेश में 7 क्षेत्र क्रमश: इंदौर, उज्जैन, भोपाल (नर्मदापुरम सहित), जबलपुर, सागर, ग्वालियर (चंबल सहित) एवं रीवा (शहडोल सहित) स्थापित किए गए हैं। पहले चरण में चलाई जाने वाली बसों के लिए क्षेत्रीय मुख्यालयों से उपनगरीय क्षेत्रों तक विस्तारित मार्ग मंजूरी की विभागीय अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। अन्य क्षेत्रों के विस्तारित मार्गों की अधिसूचना शीघ्र ही जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना के पहले चरण में प्रदेश के कुल 1,164 मार्गों पर लगभग 5,206 बसों का संचालन अगले दो सालों में किया जाएगा। इन सभी बसों की सुचारू मॉनिटरिंग के लिए एक दक्ष एवं इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट मैंनेजमेंट सिस्टम स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि योजना के पहले चरण में इंदौर क्षेत्र के कुल 121 मार्गों में कुल 608 बसें, उज्जैन क्षेत्र के 120 मार्गों में 371 बसें, भोपाल क्षेत्र के 104 मार्गों में 398 बसें, जबलपुर क्षेत्र के 83 मार्गों पर 309 बसें, सागर क्षेत्र के 92 मार्गों में 344 बसें, ग्वालियर क्षेत्र के 65 मार्गों में 298 बसें तथा रीवा क्षेत्र के 35 मार्गों में 184 बसें चलाई जाएंगी। योजना के तहत चलाई जाने वाली सभी बसों का रंग एक जैसा होगा, ताकि एकरूपता बनी रहे।

सचिव परिवहन ने बताया कि ड्रायविंग लायसेंस एवं पंजीयन प्रमाण पत्र को सहज बनाने के लिए विभाग द्वारा 1 अक्टूबर 2024 से डिजिटल फार्म में प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में ई-डिटेक्शन प्रणाली प्रारंभ करने की व्यवस्था की जा रही है। इस पर काम प्रगति पर है। इस प्रणाली से चिन्हित स्थानों पर लगे कैमरों द्वारा वाहनों की नंबर प्लेट अपने आप स्कैन हो जाएगी। स्कैन किए गए वाहन क्रमांक से दस्तावेज वाहन पोर्टल से स्वत: जांच होकर सीधे ऑनलाइन भेज दिया जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, परिवहन आयुक्त उमेश जोगा सहित अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

 

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मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना क्या है?

यह मध्यप्रदेश सरकार की नई लोक परिवहन योजना है, जिसके तहत प्रदेश में बेहतर बस सेवा शुरू की जाएगी।

योजना में कितनी बसें चलाई जाएंगी?

पहले चरण में 5206 बसों का संचालन किया जाएगा।

कितने रूटों पर बसें चलेंगी?

प्रदेश के 1164 मार्गों पर बस सेवा शुरू होगी।

सड़क सुरक्षा के लिए क्या नया कदम उठाया गया?

प्रदेश में अलग से ‘म.प्र. राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय’ बनाया जाएगा।

ई-डिटेक्शन सिस्टम क्या है?

यह एक डिजिटल प्रणाली है जिसमें कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन कर दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच करेंगे।