Gwalior Gangrape Case: हैवानियत की सारी हदें पार! नाबालिग बच्ची को बंधक बनाकर 31 दिन तक करते रहे गंदा काम, पढ़िए रूह कंपा देने वाली दरिंदगी की पूरी कहानी

Gwalior Gangrape Case: हैवानियत की सारी हदें पार! नाबालिग बच्ची को बंधक बनाकर 31 दिन तक करते रहे गंदा काम, पढ़िए रूह कंपा देने वाली दरिंदगी की पूरी कहानी

Gwalior Gangrape Case: हैवानियत की सारी हदें पार! नाबालिग बच्ची को बंधक बनाकर 31 दिन तक करते रहे गंदा काम, पढ़िए रूह कंपा देने वाली दरिंदगी की पूरी कहानी

Gwalior Gangrape Case/Image Credit: Social Media

Modified Date: May 14, 2026 / 02:55 pm IST
Published Date: May 14, 2026 2:55 pm IST
HIGHLIGHTS
  • ग्वालियर में नाबालिग छात्रा के अपहरण और गैंगरेप मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार
  • मकान मालकिन पर पूरी साजिश की मास्टरमाइंड होने का आरोप
  • पीड़िता को बेंगलुरु ले जाकर 31 दिन तक सामूहिक दुष्कर्म किया गया

Gwalior Gangrape Case: ग्वालियर में अपहरण और गैंगरेप के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मां, बेटा, भांजा सहित दो अन्य महिला-पुरुष शामिल हैं। जबकि एक आरोपी फरार है। सबसे पहले मकान मालिक महिला ने नाबालिग को कमरे में बंधक बनाया। इसके बाद महिला के बेटे और भांजे ने उसके साथ दुष्कर्म किया। हद तो तब हुई जब उसी महिला ने अपनी दूसरी महिला साथी की मदद से नाबालिग का अपहरण करा दिया। आरोपियों ने छात्रा को बेंगलुरु ले जाकर वहां तीन लोगों ने गैंगरेप किया। पुलिस ने नाबालिग को 1 मार्च को बेंगलुरु से बरामद कर लिया। लेकिन आरोपियों के डर और धमकी के कारण पीड़िता चुप रही। लेकिन बाद में हिम्मत जुटाकर उसने FIR दर्ज कराई।

31 दिन तक किया सामूहिक दुष्कर्म

दअरसल, पीड़िता ने पुलिस को अपनी आपबीती में बताया कि वह छात्रा है और उसकी मां जॉब कर उसे पढ़ा रही है। जब मां काम पर चली जाती थी। तब मकान मालिक गुड्डी राठौर उसे कमरे में बंद कर देती थी। इसी दौरान गुड्डी का बेटा मनोज और भांजा योगेश उसके साथ गलत काम करते थे। 31 जनवरी 2026 को जब छात्रा कोचिंग जाने के लिए घर से निकली। तभी इन लोगों ने साजिश रचकर महिला बुलबुल राठौर की मदद से उसे अगवा कर लिया। नाबालिग को आरोपी योगेश, राकेश उर्फ राजू और वकीला ग्वालियर से बेंगलुरु ले गए। वहां योगेश, राकेश और वकीला ने छात्रा के साथ 31 दिन तक सामूहिक दुष्कर्म किया। जब 1 मार्च को पुलिस ने छात्रा को बेंगलुरु से बरामद किया लेकिन उस समय आरोपियों के डर और दहशत की वजह से छात्रा ने चुप्पी साध ली थी। पुलिस को यही बताया गया था कि वह अपनी मर्जी से गई थी। आरोपियों ने उसे और उसकी मां को मार डालने की धमकी दी थी। दो महीने बाद खुद को सुरक्षित महसूस करने पर छात्रा ने परिजनों को पूरी सच्चाई बताई। इसके बाद परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे। पुलिस ने तत्काल मामले में गैंगरेप की धारा और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाकर आरोपियों की तलाश शुरू की।

अब तक पांच आरोपी गिरफ्त में

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सबसे पहले मुखबिर की सूचना पर आरोपी मनोज राठौर, गुड्डी राठौर, बुलबुल राठौर और राजू उर्फ राकेश को उनके घर के पास से गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि मुख्य आरोपी योगेश राठौर शिवपुरी में छिपा है। पुलिस टीम ने शिवपुरी से आरोपी योगेश राठौर को गिरफ्तार कर लिया। ग्वालियर लाकर पूछताछ में उसने घटना करना स्वीकार किया। इस तरह अब तक पांच आरोपी गिरफ्त में हैं। फरार आरोपी वकीला की तलाश में दबिश दी जा रही है।

मकान मालिक गुड्डी राठौर ही पूरी साजिश की मास्टरमाइंड थी

पुलिस के मुताबिक मकान मालिक गुड्डी राठौर ही पूरी साजिश की मास्टरमाइंड थी। मां के काम पर जाते ही वह छात्रा को कमरे में बंद कर देती थी और बेटे-भांजे से गलत काम करवाती थी। अगवा करने में बुलबुल राठौर ने मदद की थी। इस जघन्य वारदात ने शहर को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ मकान मालिक जैसी रिश्ते को शर्मसार करने वाली करतूत, दूसरी तरफ 31 दिन तक नाबालिग के साथ दरिंदगी। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी वकीला को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

थाना प्रभारी ने बताया कि ग्वालियर में अपहरण और गैंगरेप के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मां, बेटा, भांजा सहित दो अन्य महिला-पुरुष शामिल हैं। जबकि एक आरोपी फरार है। सबसे पहले मकान मालिक महिला ने नाबालिग को कमरे में बंधक बनाया। इसके बाद महिला के बेटे और भांजे ने उसके साथ दुष्कर्म किया। हद तो तब हुई जब उसी महिला ने अपनी दूसरी महिला साथी की मदद से नाबालिग का अपहरण करा दिया। आरोपियों ने छात्रा को बेंगलुरु ले जाकर वहां तीन लोगों ने गैंगरेप किया। पुलिस ने नाबालिग को 1 मार्च को बेंगलुरु से बरामद कर लिया। लेकिन आरोपियों के डर और धमकी के कारण पीड़िता चुप रही। लेकिन बाद में हिम्मत जुटाकर उसने FIR दर्ज कराई।

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लेखक के बारे में

जागेश साहू- 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.