Andhra Pradesh Milk Tragedy: सफेद जहर का तांडव! दूध पीते ही बिगड़ी तबीयत, 12 लोगों की मौत, कई अस्पताल में भर्ती, मचा हड़कंप

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आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में मिलावटी दूध पीने से 12 लोगों की मौत, आठ अस्पताल में भर्ती

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  • Publish Date - March 12, 2026 / 10:03 AM IST,
    Updated On - March 12, 2026 / 10:11 AM IST

Andhra Pradesh Milk Tragedy | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • दूध में मिलावट से 12 लोगों की मौत, 8 अस्पताल में भर्ती
  • वरलक्ष्मी मिल्क डेरी को सील किया गया और नमूने जांच के लिए भेजे गए
  • संदिग्ध विक्रेता हिरासत में, इलाके में आपातकालीन चिकित्सा शिविर लगाए गए

राजामहेंद्रवरम: Andhra Pradesh Milk Tragedy पूर्वी गोदावरी जिले में दूध में मिलावट के एक संदिग्ध मामले में बारह लोगों की मौत हो गई है, जबकि आठ अन्य लोगों का यहां के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस समूह की पहचान सबसे पहले 22 फरवरी को हुई थी, जब कई बुजुर्ग व्यक्तियों को पेशाब न आना, उल्टी, पेट दर्द और अन्य दिक्कतों के साथ अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।

Andhra Pradesh Milk Tragedy प्रभावित लोग लालाचेरुवु के चौदेश्वरनगर और स्वरूपनगर इलाकों के निवासी थे। एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘पुख्ता महामारी विज्ञान संबंधी साक्ष्य दूध में मिलावट को संभावित कारण के रूप में इंगित करते हैं, और विभिन्न विभागों में समन्वित कार्रवाई शुरू कर दी गई है।’’ नैदानिक ​​जांच में रक्त में यूरिया और सीरम क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ा हुआ पाया गया, जो विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आने का संकेत देता है।

प्रारंभिक जांच से पता चला है कि कोरुकोंडा मंडल के नरसपुरम गांव में स्थित वरलक्ष्मी मिल्क डेरी से 106 परिवारों को आपूर्ति किया जाने वाला दूध इसका स्रोत हो सकता है। आपूर्ति तुरंत रोक दी गई। इलाके में आपातकालीन चिकित्सा शिविर स्थापित किये गए हैं और चिकित्सकों व विशेषज्ञों का एक दल तैनात किया गया है। डेरी से आवश्यक नमूने लिये गए हैं और संदिग्ध दूध विक्रेता अड्डाला गणेश्वरराव (33) को हिरासत में लिया गया है। डेरी को सील कर दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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कितने लोगों की मौत हुई है?

अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है और 8 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं।

प्रभावित लोग किस इलाके के हैं?

लालाचेरुवु के चौदेश्वरनगर और स्वरूपनगर इलाके के निवासी प्रभावित हुए हैं।

दूध का स्रोत कहां से था?

कोरुकोंडा मंडल के नरसपुरम गांव स्थित वरलक्ष्मी मिल्क डेरी से दूध की आपूर्ति हुई थी।