Union Budget Updates : पहले 200 रुपए की आमदनी पर लगता था टैक्स, 1857 की क्रांति से बजट का है ये खास कनेक्शन, इस वित्त मंत्री ने तोड़ी थी सालों पुरानी परंपरा

भारत का बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि देश के इतिहास और विकास की कहानी है। 1860 में जहाँ पहला बजट ब्रिटिश शासन की जरूरतों के लिए पेश किया गया था, वहीं 1947 में स्वतंत्र भारत का पहला बजट राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ लाया गया। अब देश इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 2026 का बजट पेश करने जा रहा है।

Union Budget Updates : पहले 200 रुपए की आमदनी पर लगता था टैक्स, 1857 की क्रांति से बजट का है ये खास कनेक्शन, इस वित्त मंत्री ने तोड़ी थी सालों पुरानी परंपरा

Union Budget Updates / Image Source : consitution of india

Modified Date: January 31, 2026 / 11:05 pm IST
Published Date: January 31, 2026 11:03 pm IST
HIGHLIGHTS
  • भारत का पहला बजट 7 अप्रैल 1860 को ब्रिटिश काल में जेम्स विल्सन द्वारा पेश किया गया था।
  • स्वतंत्र भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को आर.के. शनमुखम चेट्टी ने संसद में रखा।
  • ब्रिटिश काल से लेकर डिजिटल युग तक बजट ने भारत की आर्थिक दिशा तय

नई दिल्ली : किसी भी देश की प्रगति के लिए सबसे महत्वपूर्ण उसका बजट होता है। भारत में बजट का इतिहास केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि देश के बदलते स्वरूप की कहानी है। भारत का पहला बजट जहाँ ब्रिटिश सत्ता की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए लाया गया था, वहीं आज़ाद भारत का पहला बजट राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ पेश किया गया था। आइए जानते हैं बजट के इस ऐतिहासिक सफर के दो सबसे महत्वपूर्ण पड़ावों के बारे में।

Indian Budget History in Hindi कब पेश हुआ था पहला बजट ?

भारत का पहला बजट 7 अप्रैल, 1860 को पेश किया गया था। यह वह समय था जब भारत में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त होकर सीधा ब्रिटिश क्राउन महारानी विक्टोरिया के हाथों में चला गया था। देश के पहले वित्त सदस्य जेम्स विल्सन ने इस बजट को पेश किया था। जेम्स विल्सन एक ब्रिटिश अर्थशास्त्री थे और उन्हें ‘द इकोनॉमिस्ट’ पत्रिका का संस्थापक भी माना जाता है।

बजट पेश करने की मुख्य वजह क्या थी?

1860 में बजट पेश करने की सबसे बड़ी वजह 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम था। इस विद्रोह ने ब्रिटिश सरकार की आर्थिक कमर तोड़ दी थी। भारी सैन्य खर्च और विद्रोह को दबाने में हुए नुकसान के कारण राजकोष खाली हो गया था। इसी वित्तीय घाटे को भरने और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जेम्स विल्सन ने बजट की रूपरेखा तैयार की।

पहले बजट की खास बातें

जेम्स विल्सन ने ही पहली बार भारत में ‘इनकम टैक्स’ की शुरुआत की थी। उस समय उन लोगों पर टैक्स लगाया गया जिनकी सालाना आय ₹200 से अधिक थी।राजस्व बढ़ाने के लिए लाइसेंस टैक्स और तंबाकू पर भारी ड्यूटी लगाई गई थी। जहाँ 1860 में गुलाम भारत का पहला बजट पेश हुआ, वहीं आज़ाद भारत का पहला बजट 26 नवंबर, 1947 को आर.के. शनमुखम चेट्टी द्वारा पेश किया गया था।

Budget 2026 Live Update क्या था बजट पेश करने का समय

ब्रिटिश काल में बजट शाम को 5 बजे पेश किया जाता था ताकि लंदन के समय(दोपहर के 11 बजे के साथ तालमेल बैठ सके। साल 1999 में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने इस परंपरा को तोड़ा और बजट पेश करने का समय सुबह 11 बजे कर दिया

First Budget of India after Independence 1947 स्वतंत्र भारत का पहला बजट

15 अगस्त 1947 को भारत को आज़ादी मिली, लेकिन बंटवारे के कारण देश के सामने भीषण चुनौतियां थीं। ऐसे में एक स्वतंत्र राष्ट्र की प्राथमिकताओं को तय करने के लिए पहला बजट पेश किया गया।स्वतंत्र भारत के पहले वित्त मंत्री आर.के. शनमुखम चेट्टी ने 26 नवंबर 1947 को संसद में पहला बजट रखा। यह बजट केवल साढ़े सात महीनों की समय के लिए था। इसमें कुल राजस्व का 46% हिस्सा 92.74 करोड़ रुपये रक्षा क्षेत्र को दिया गया था, जो उस समय की सुरक्षा स्थितियों को देखते हुए अनिवार्य था।

1860 का बजट ब्रिटिश शासन को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाया गया था, जबकि 1947 का बजट एक नए स्वतंत्र भारत को आगे बढ़ाने की दिशा में पहला कदम था। जेम्स विल्सन द्वारा रखी गई आर्थिक नींव पर आर.के. शनमुखम चेट्टी ने आत्मनिर्भर भारत की अर्थव्यवस्था की शुरुआत की। अब इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए देश कल Budget 2026 का बजट पेश करेगा, जिससे जनता को विकास और राहत की नई उम्मीदें हैं।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..