Marathi Mandatory In Maharashtra : प्रदेश में बदला कमर्शियल ड्राइवरों का नियम! आज से इस भाषा का ज्ञान अनिवार्य, नहीं आई तो हो सकती है ये कार्रवाई
महाराष्ट्र में कमर्शियल यात्री वाहन चालकों के लिए 16 अगस्त 2026 से मराठी भाषा का कामकाजी ज्ञान अनिवार्य कर दिया गया है। यह नियम ऑटो-रिक्शा, टैक्सी, बस और ऐप-बेस्ड कैब चालकों पर लागू होगा। नियमों का उद्देश्य यात्रियों और चालकों के बीच बेहतर संवाद और सुरक्षा सुनिश्चित करना बताया गया है।
Marathi Mandatory In Maharashtra :
- 16 अगस्त 2026 से कमर्शियल यात्री वाहन चालकों के लिए व्यवहारिक मराठी का ज्ञान अनिवार्य होगा।
- नियम ऑटो, टैक्सी और ऐप-बेस्ड कैब सहित कमर्शियल यात्री वाहनों पर लागू है।
- महाराष्ट्र मोटर व्हीकल रूल्स, 1989 के नियम 4, 22, 78 और 85 में संशोधन किए गए हैं।
मुंबई : Marathi Mandatory In Maharashtra : महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में ऑटो, टैक्सी और कैब चालकों जैसे कमर्शियल यात्री वाहन चालकों के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के तहत अब राज्य में सभी कमर्शियल यात्री वाहन चालकों के लिए मराठी भाषा का कामकाजी ज्ञान होना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नया प्रावधान आज यानी 16 अगस्त 2026 से राज्यभर में लागू हो रहा है।
मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यात्रियों के साथ बेहतर और सहज संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य किया गया है। यह नियम ऑटो-रिक्शा, काली-पीली टैक्सी और ओला-उबर जैसे ऐप-बेस्ड कैब चालकों पर समान रूप से लागू होगा। प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि जो चालक यात्रियों से मराठी में कामकाजी बातचीत करने में सक्षम नहीं होंगे, उनके ड्राइविंग लाइसेंस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने की भाषा की अनिवार्यता
राज्य सरकार के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य स्थानीय भाषा को बढ़ावा देना और यात्रियों के लिए सफर को अधिक सुविधाजनक व सुरक्षित बनाना है। Marathi Mandatory In Maharashtra : हालांकि, इस नए नियम से राज्य के गैर-मराठी भाषी कमर्शियल चालकों को अपना लाइसेंस बचाए रखने के लिए जल्द से जल्द मराठी का व्यावहारिक ज्ञान हासिल करना होगा।
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