Narayanpur Naxal Operation: छत्तीसगढ़ के इस जंगल में छिपा था करोड़ों का खजाना, नक्सलियों के सीक्रेट डंप से मिले इतने नोट… देख अफसर भी हो गए हैरान, जानिए और क्या मिला?

Narayanpur Naxal Operation: छत्तीसगढ़ के इस जंगल में छिपा था करोड़ों का खजाना, नक्सलियों के सीक्रेट डंप से मिले इतने नोट... देख अफसर भी हो गए हैरान, जानिए और क्या मिला?

Narayanpur Naxal Operation: छत्तीसगढ़ के इस जंगल में छिपा था करोड़ों का खजाना, नक्सलियों के सीक्रेट डंप से मिले इतने नोट… देख अफसर भी हो गए हैरान, जानिए और क्या मिला?

Narayanpur Naxal Operation/Image- AI Generated

Modified Date: May 14, 2026 / 12:11 pm IST
Published Date: May 14, 2026 12:11 pm IST
HIGHLIGHTS
  • नारायणपुर में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के गुप्त ठिकाने से करीब 1 करोड़ रुपये नकद बरामद किए
  • बरामद रकम में बड़ी संख्या में 2000 रुपये के गुलाबी नोट भी शामिल हैं
  • सरेंडर नक्सलियों से मिले इनपुट के आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की गई

Narayanpur Naxal Operation: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है, जहां जवानों ने जंगलों में छिपाए गए नक्सलियों के सीक्रेट खजाने का पर्दाफाश किया है। सरेंडर कर चुके नक्सलियों से मिले इनपुट के आधार पर की गई इस कार्रवाई में करीब 1 करोड़ रुपये नकद और हथियारों का जखीरा बरामद किया गया है।

2000 के गुलाबी नोट भी मिले

इस बरामदगी की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इसमें बड़ी संख्या में 2000 रुपये के गुलाबी नोट भी मिले हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है। बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज के मुताबिक, ये डंप अलग-अलग समय में बनाए गए थे, जिनमें कुछ हालिया तो कुछ 4 से 6 साल पुराने हैं।

आईजी ने कहा कि शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि नक्सली नोटबंदी या बाद में 2000 के नोट वापस लेने की समय सीमा के दौरान इन नोटों को बदल नहीं पाए थे, और इन्हें जंगलों में ही छुपा कर रख दिया था। फिलहाल बरामद राशि की गिनती और कानूनी प्रक्रिया जारी है। वहीं, पुलिस अब सरेंडर नक्सलियों से मिले इन सुरागों के आधार पर अन्य गुप्त ठिकानों पर भी नजर बनाए हुए है।

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सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

जागेश साहू- 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.