(SpaceX IPO/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: SpaceX IPO News: दुनिया के सबसे चर्चित उद्योगपतियों में शामिल एलन मस्क की स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी SpaceX इन दिनों निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि कंपनी ने अभी तक अपना IPO यानी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग लॉन्च नहीं किया है। लेकिन इसके संभावित IPO को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। माना जा रहा है कि कंपनी जब शेयर बाजार में लिस्टिंग होगी तो दुनियाभर के निवेशकों की इसमें खास दिलचस्पी रहेगी।
SpaceX की लिस्टिंग के बाद भारतीय निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वे भी इस कंपनी के शेयर खरीद सकेंगे। अच्छी बात यह है कि भारतीय नागरिक विदेशी कंपनियों में निवेश कर सकते हैं। हालांकि अमेरिकी कंपनियों के IPO में सीधे निवेश करना आसान नहीं होता। इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के नियमों का पालन करना जरूरी है। इस योजना के तहत कोई भी भारतीय नागरिक एक वित्त वर्ष में 2.5 लाख डॉलर तक विदेश में निवेश कर सकता है।
अगर भविष्य में SpaceX शेयर बाजार में लिस्ट होती है तो भारतीय निवेशक अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश कर सकते हैं। इसके लिए पहले रुपये को डॉलर में बदलकर विदेश भेजना होगा। IPO के बाद जब कंपनी के शेयर अमेरिकी शेयर बाजार NASDAQ पर कारोबार के लिए उपलब्ध होंगे तब निवेशक उन्हें खरीद सकेंगे। आमतौर पर भारतीय निवेशकों के लिए लिस्टिंग के बाद शेयर खरीदना ज्यादा आसान विकल्प होता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल चर्चा और उत्साह के आधार पर निवेश नहीं करना चाहिए। SpaceX का वैल्यूएशन पहले से ही काफी ऊंचा माना जा रहा है। ऐसे में IPO के बाद शेयर की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा कंपनी अभी भी अपने कई बड़े प्रोजेक्ट्स में भारी निवेश कर रही है। जिससे भविष्य के मुनाफे को लेकर कुछ अनिश्चितता बनी हुई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक SpaceX करीब 1.75 ट्रिलियन डॉलर के वैल्यूएशन पर 75 अरब डॉलर जुटाने की तैयारी कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो यह दुनिया के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है। रॉकेट लॉन्च, स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा और अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में तेजी से बढ़ती कंपनी होने के कारण निवेशकों की नजरें SpaceX के IPO पर टिकी हुई हैं।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।