नयी दिल्ली, 11 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि वैश्विक अनिश्चितता और अस्थिरता के बीच भी भारत आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ अपनी विकास यात्रा पर आगे बढ़ रहा है।
मोदी ने नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जैसे-जैसे भारत ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, देश की सामूहिक जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
नीति आयोग ने मोदी के हवाले से सोशल मीडिया पर मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘दुनिया अनिश्चितता और अस्थिरता के दौर से गुजर रही है। फिर भी भारत आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ अपनी विकास यात्रा पर आगे बढ़ रहा है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने विकास और निर्यात के नए अवसर पैदा करने के लिए कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ये समझौते हमारे सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराते हैं। इससे वे अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करके और प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाकर वैश्विक बाजारों के लिए तैयार हो सकेंगे।’’
मोदी ने कहा कि भारत का जनसांख्यिकीय लाभ एक ऐतिहासिक अवसर है जिसे ‘‘हम खोने का जोखिम नहीं उठा सकते।’’
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मांग-आधारित कौशल विकास और रोजगार के अवसरों के माध्यम से भारत के युवाओं के लिए सही परिवेश का निर्माण करना प्राथमिकता बनी रहनी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘सशक्त युवा ही विकसित भारत की दिशा में हमारी यात्रा की प्रेरक शक्ति होंगे।’’
उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच सहयोग और संवाद के माध्यम से चीजें आगे बढ़नी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नीति आयोग सहयोग के लिए एक मंच के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जिससे राज्य विचारों का आदान-प्रदान कर सकें और विकसित भारत की परिकल्पना की दिशा में मिलकर काम कर सकें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला नेतृत्व वाला विकास विकसित भारत की परिकल्पना का आधार है।
उन्होंने कहा, ‘‘कृषि और स्टार्टअप से लेकर विज्ञान और नवोन्मेष तक, नारी शक्ति सभी क्षेत्रों में योगदान दे रही है। राज्यों को महिलाओं की शिक्षा, कौशल विकास, सुरक्षा और सशक्तीकरण को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि उनकी पूरी क्षमता का उपयोग किया जा सके और भारत की विकास यात्रा को गति दी जा सके।’’
मोदी ने कहा, ‘‘सहकारी संघवाद की भावना से प्रेरित होकर, हम भारत की विकास यात्रा को गति देने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। केंद्र और राज्यों के सामूहिक प्रयास विकसित भारत के हमारे साझा दृष्टिकोण को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।’’
भाषा रमण अजय
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