नई दिल्ली: Parliament Monsoon Session: संसद का मानसून सत्र आज अपने चौथे दिन में प्रवेश कर रहा है और राजनीतिक हलचल तेज होने की पूरी संभावना है। आज का दिन कई अहम बहसों और विपक्ष के प्रदर्शनों के नाम रहने वाला है। बिहार वोटर लिस्ट रिवीजन पर हंगामे का आसार जताया जा रहा है।
Parliament Monsoon Session: सत्र के दौरान बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन के मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों के हंगामे की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष का आरोप है कि राज्य सरकार द्वारा वोटर लिस्ट में बदलावों के पीछे राजनीतिक मंशा हो सकती है। इसे लेकर सदन में तीखी बहस देखी जा सकती है। वही इंडिया गठबंधन ने केंद्र सरकार की नीतियों और विभिन्न मुद्दों को लेकर संसद में प्रदर्शन की घोषणा की है। आज भी गठबंधन के सांसद संसद भवन परिसर में प्रदर्शन जारी रखेंगे।
Parliament Monsoon Session: बता दें की ऑपरेशन सिंदूर पर संसद के दोनों सदनों में कुल 16 घंटे की विस्तृत चर्चा निर्धारित की गई है। सोमवार को लोकसभा में और मंगलवार को राज्यसभा में इस पर चर्चा होगी। इस ऑपरेशन को लेकर सरकार जहां इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी बड़ी उपलब्धि मान रही है वहीं विपक्ष इससे जुड़ी प्रक्रियाओं और तथ्यों पर सवाल उठा सकता है।
"बिहार वोटर लिस्ट विवाद" में विपक्ष ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार द्वारा मतदाता सूची में बदलाव राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है, जिसे लेकर संसद में बहस और विरोध की संभावना है।
ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
"ऑपरेशन सिंदूर क्या है"- यह एक राष्ट्रीय सुरक्षा अभियान है, जिसे केंद्र सरकार एक सफल सैन्य या रणनीतिक मिशन के रूप में पेश कर रही है। संसद में इस पर 16 घंटे की चर्चा तय की गई है।
मानसून सत्र में इंडिया गठबंधन किन मुद्दों पर प्रदर्शन कर रहा है?
"इंडिया गठबंधन प्रदर्शन कारण" — गठबंधन सांसद केंद्र सरकार की नीतियों, महंगाई, बेरोजगारी और हालिया राजनीतिक घटनाओं को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
मानसून सत्र कब तक चलेगा?
"मानसून सत्र समाप्ति तिथि" — आमतौर पर मानसून सत्र जुलाई से अगस्त के मध्य तक चलता है। हालांकि अंतिम तारीख की घोषणा संसद की कार्यसूची के अनुसार होती है।
क्या ऑपरेशन सिंदूर पर विपक्ष सवाल उठा सकता है?
हां, "ऑपरेशन सिंदूर पर विपक्ष की आपत्ति" हो सकती है। विपक्ष इसकी वैधता, पारदर्शिता और प्रक्रियाओं पर सवाल उठा सकता है, विशेष रूप से अगर इससे जुड़े दस्तावेज़ सार्वजनिक नहीं किए गए हों।