PM Modi Speech in Rajya Sabha/Image Source: ANI
नई दिल्ली: PM Modi Speech in Rajya Sabha: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा की कार्यवाही में शामिल होने के लिए संसद पहुंचे। प्रधानमंत्री ने उच्च सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे है। राज्यसभा में जैसे ही पीएम मोदी का संबोधन प्रारंभ हुआ विपक्ष की ओर से जोरदार हंगामा देखने को मिला। शोर-शराबे और नारेबाजी के बीच प्रधानमंत्री ने धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का उत्तर दे रहे है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर एक प्रकार से अर्थव्यवस्था की धुरी होता है, 2014 से पहले फोन बैंकिंग होती थी, नेता के फोन जाते थे और फिर करोड़ों रुपए दिए जाते थे, गरीबों को बैंकों में धुत्कार मिलती थी। कांग्रेस के नेताओं के फोन पर अरबों रुपए दिए गए और जो ले जाते थे वो पर्सनल प्रॉपर्टी के मानकर हजम कर जाते थे। PM ने कहा की मैं जब नया नया पीएम बना तो एक देश के मुखिया से मिला तो उन्होंने बताया कि आप नए नए हो अपने बैंको की व्यवस्था का अध्ययन कर लीजिए।
PM Modi Speech in Rajya Sabha: पीएम मोदी ने कहा, कांग्रेस ने विश्वासघात करने के विषय में भी हमारे देश के अन्नदाता को भी नहीं छोड़ा। इस देश में 10 करोड़ किसान ऐसे हैं, जिनके पास दो हेक्टेयर से कम जमीन है। छोटे किसान हैं, उनकी तरफ कभी नहीं देखा गया। न ही उनके दिमाग में छोटे किसान का कोई महत्व था। उन्हें लगता था कि कुछ बड़े लोगों को संभाल लिया तो राजनीति चलती रहेगी। हमारे मन में छोटे किसानों के लिए दर्द था। हम जमीनी हकीकत से परिचित थे। इसलिए हम किसान सम्मान निधि लेकर आए। हमने अब तक 4 लाख करोड़ रुपये छोटे किसानों को दिया है। इससे उन्हें नए सपने देखने का सामर्थ्य मिला है।
PM Modi Speech in Rajya Sabha: उन्होंने कहा यहां कुछ साथियों ने इंप्लिमेंटेशन की शिकायतों को लेकर काफी भाषण दिए हैं। ये जो इतनी बड़ी बातें करते हैं। मैं एक किस्सा सुनाता हूं- “हमारे देश के एक नेता हिमाचल प्रदेश के दौरे पर थे। और वहां से आने के बाद उन्होंने खुद ने ये घटना कहीं सुनाई। रिकॉर्ड पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा- काफी लंबे समय तक मुझे योजना आयोग से संघर्ष करना पड़ा है। क्योंकि वे पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अलग योजनाएं बनाने के लिए तैयार ही नहीं थे। मैं हिमाचल प्रदेश गई थी, जब मैं वापस आई तो मैंने योजना आयोग में कहा कि हमारे कामदारों को जीप की जरूरत नहीं है, बल्कि खच्चरों की आवश्यकता है, ताकि उन पर सामान आदि लादा जा सके। लेकिन मुझे बताया गया कि हम पैसा तो जीप के लिए ही देंगे, क्योंकि खच्चरों के लिए पैसा देने की पॉलिसी नहीं है। उन नेता का कहना था कि जहां वो हिमाचल में गई थीं, वहां सड़क नहीं थी। तो वहां जीप का क्या काम लेकिनन उस वक्त योजना आयोग का जोर था कि या तो जीप या कुछ नहीं। यह भाषण और किसी का नहीं कांग्रेस की तत्कालीन नेता इंदिरा गांधी का भाषण है।”
उन्होंने कहा, कांग्रेस की यही कार्यशैली रही थी। खुद इंदिरा गांधी जी यह जानती थीं लेकिन इस कार्यशैली को बदलने के लिए उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया। वे जिस प्लानिंग कमीशन की धज्जियां उड़ा रही थीं, उसके जन्मदाता उनके खुद के पिताजी थे। 2014 तक सब दुखी थे, सब परेशान थे। लेकिन कोई तैयार नहीं था सुधार को। इसके बाद जब हमें 2014 में मौका मिला तो हमने प्लानिंग कमीशन को खत्म किया और नीति आयोग की स्थापना हुई। नीति आयोग आज काफी तेज काम कर रहा है।