कोलकाताः Vande Bharat: पश्चिम बंगाल में आखिरी चरण का चुनाव प्रचार जोरों पर रहा। गुरुवार को मथुरापुर और कृष्णानगर की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हुंकार भरी। पीएम ने दावा किया कि बंगाल की जनता ने मन बना लिया है। 4 मई को TMC की विदाई तय है, लेकिन चुनावी दावों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा रही पीएम की उस ‘झालमुड़ी’ की। पीएम ने विपक्ष पर चुटकी लेते हुए कहा कि “झालमुड़ी मैंने खाई है, लेकिन तीखा विपक्ष को लग रहा है।” पीएम का इशारा साफ था कि बंगाल की जनता के साथ उनकी नजदीकी TMC को हजम नहीं हो रही है।
Vande Bharat: इधर, ‘झालमुड़ी’ पर बात आई तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी तुरंत मोर्चा खोल दिया.. दीदी ने तंज कसते हुए पूछा कि- पीएम मोदी ने झालमुड़ी तो खा ली, लेकिन क्या वो मछली भी खाएंगे? दरअसल, बंगाल में मछली सिर्फ खाना नहीं, बल्कि एक पहचान है। ममता बनर्जी ने मछली का सवाल उछालकर बीजेपी को ‘खान-पान’ और ‘बंगाली संस्कृति’ के मुद्दे पर घेरने की कोशिश की है। साफ है फिलहाल बंगाल की चुनावी थाली में झालमुड़ी भी है और मछली भी। देखना ये है कि बंगाली जनता को किस स्वाद पर मुहर लगाती है?