Yogi Cabinet Expansion Ministers list: यूपी में ये 8 नेता लेंगे मंत्री पद की शपथ! योगी कैबिनेट विस्तार से पहले आ गई फाइनल लिस्ट

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Yogi Cabinet Expansion Ministers list: यूपी में ये 8 नेता लेंगे मंत्री पद की शपथ! योगी कैबिनेट विस्तार से पहले आ गई फाइनल लिस्ट

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  • Publish Date - May 10, 2026 / 03:21 PM IST,
    Updated On - May 10, 2026 / 03:22 PM IST

Yogi Cabinet Expansion Ministers list/Image Source: IBC24

लखनऊ: Yogi Cabinet Expansion Ministers list उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार आज मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रही है। बताया जा रहा है कि 8 विधायक मंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो योगी सरकार ने मंत्रिमंडल विस्तार में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए ब्राह्मण, जाट, दलित, पासी, वाल्मीकि, लोधी और अति पिछड़ा वर्ग के विधायकों को कैबिनेट में शामिल करने का फैसला लिया है।

ये नेता ले सकते हैं मंत्री पद की शपथ!
1. भूपेन्द्र चौधरी
2. सोमेन्द्र तोमर (प्रमोशन)
3. अजीत पाल (प्रमोशन)
4. हंसराज विश्वकर्मा
5. कैलाश राजपूत
6.सुरेन्द्र दिलेर
7. कृष्णा पासवान
8. मनोज पाण्डेय

 

Yogi Cabinet Expansion Ministers list मिली जानकारी के अनुसार योगी कैबिनेट में शामिल होने वाले विधायकों को देर रात ही फोन आ चुका है और सभी को सूचना दे दी गई है। वहीं, दूसरी ओर मौजूदा राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर और अजीत पाल की प्रोन्नति लगभग तय मानी जा रही है। मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले संभावित मंत्रियों के नाम की बात करें तो कहा जा रहा है कि कन्नौज के तिर्वा से विधायक और लोधी समाज के नेता कैलाश राजपूत की मंत्रिमंडल में जगह पक्की मानी जा रही है।

इन विधायकों की जगह मंत्रिमंडल में पक्की
1. मनोज पांडेय: रायबरेली की ऊंचाहार सीट से विधायक मनोज पांडेय का नाम लगभग तय माना जा रहा है। कभी अखिलेश यादव के बेहद करीबी रहे मनोज पांडेय समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। लेकिन लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने सपा से दूरी बनाकर बीजेपी का समर्थन किया और बाद में भगवा खेमे के साथ खुलकर खड़े नजर आए। मनोज पांडेय ब्राह्मण चेहरे के तौर पर बीजेपी के लिए अहम माने जा रहे हैं। राजनीति विज्ञान में पीएचडी कर चुके मनोज पांडेय का लंबा राजनीतिक अनुभव है। 2012 और 2017 में ऊंचाहार सीट से जीत हासिल कर चुके पांडेय अब बीजेपी के ब्राह्मण समीकरण को मजबूत करने वाले चेहरे के रूप में देखे जा रहे हैं।
2. भूपेंद्र चौधरी: मुरादाबाद से आने वाले भूपेंद्र सिंह चौधरी बीजेपी के मजबूत संगठनात्मक नेताओं में गिने जाते हैं। आरएसएस से राजनीति की शुरुआत करने वाले भूपेंद्र चौधरी साल 1989 में बीजेपी में शामिल हुए थे। संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां निभाने के बाद वे यूपी बीजेपी अध्यक्ष भी बने। जाट समुदाय में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। पश्चिमी यूपी में बीजेपी को मजबूत करने में उनकी बड़ी भूमिका रही है। योगी सरकार के पिछले कार्यकाल में वे पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि उन्हें फिर से कैबिनेट में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
3. कृष्णा पासवान: फतेहपुर जिले की खागा सीट से विधायक कृष्णा पासवान का नाम भी लगभग तय माना जा रहा है। पासी समाज से आने वाली कृष्णा पासवान बीजेपी की पुराने दलित चेहरों में शामिल हैं। उन्होंने कई बार चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पकड़ साबित की है। 2022 के चुनाव में उन्होंने समाजवादी पार्टी उम्मीदवार को करीबी मुकाबले में हराया था। बीजेपी दलित वोट बैंक को मजबूत बनाए रखने के लिए पासी समाज को प्रतिनिधित्व देना चाहती है। इसी रणनीति के तहत कृष्णा पासवान का नाम आगे बढ़ाया गया है।
4. हंसराज विश्वकर्मा: वाराणसी से एमएलसी और बीजेपी जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा का नाम भी चर्चा में है। विश्वकर्मा समाज पूर्वांचल की अहम अति पिछड़ी बिरादरी मानी जाती है। हंसराज विश्वकर्मा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी नेताओं में भी गिना जाता है। बीजेपी लंबे समय से गैर-यादव OBC वोट बैंक को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में विश्वकर्मा समाज को कैबिनेट में जगह देकर पार्टी पूर्वांचल और अति पिछड़े वर्ग को बड़ा संदेश देना चाहती है।
5. सुरेंद्र दिलेर: हाथरस से आने वाले सुरेंद्र सिंह दिलेर का नाम वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधि के तौर पर चर्चा में है। उनका राजनीतिक परिवार लंबे समय से सक्रिय रहा है, उनके दादा किशन लाल दिलेर चार बार सांसद रहे, जबकि पिता राजवीर सिंह दिलेर विधायक और सांसद दोनों रहे। सुरेंद्र दिलेर लंबे समय से संगठन में सक्रिय हैं और वाल्मीकि समाज में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। बीजेपी दलित वोट बैंक में वाल्मीकि समुदाय को मजबूत संदेश देना चाहती है।
6. कैलाश राजपूत: कन्नौज की तिर्वा सीट से विधायक कैलाश राजपूत भी संभावित मंत्रियों की सूची में शामिल हैं। वे लोधी समाज से आते हैं, जो उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रभावशाली समुदाय माना जाता है। कैलाश राजपूत अलग-अलग दौर में हर बार सत्ता पक्ष के साथ रहे हैं। साल 1996 में बीजेपी, 2007 में बसपा और फिर 2017 में बीजेपी से विधायक बने। इसके बाद फिर से विधायक बने। कन्नौज और आसपास के इलाकों में लोधी वोट बैंक पर उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।

 

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