इंदौर, 26 मई (भाषा) मध्यप्रदेश की दो-ध्रुवीय राजनीति में अपनी जमीन तलाश रही आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को घोषणा की कि वह राज्य में 2028 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव खुद के दम पर लड़ेगी और किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी।
‘आप’ के मध्यप्रदेश सह-प्रभारी जय भगवान उपकार ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा कि उनका दल विधानसभा की सभी 230 सीट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य के अगले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी। हम किसी भी दल से चुनावी गठबंधन नहीं करेंगे।’’
उपकार ने कहा कि वर्ष 2023 के पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान ‘आप’ के शीर्ष नेताओं के ‘झूठे मामलों’ में जेल जाने के कारण कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हुआ था।
उन्होंने कहा, ‘‘अगले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी कार्यकर्ताओं को फिर से संगठित किया जा रहा है।’’
‘आप’ के एक अन्य पदाधिकारी ने बताया कि अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाले दल ने राज्य के पिछले विधानसभा चुनाव में 60 सीट पर उम्मीदवार उतारे थे। हालांकि, अधिकांश सीट पर पार्टी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
प्रदेश की राजनीति परंपरागत रूप से दो-ध्रुवीय रही है, जहां सत्ता की कमान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) या कांग्रेस में से किसी एक दल के पास रही है।
उपकार ने कहा कि आम आदमी पार्टी विधानसभा चुनाव से पहले वर्ष 2027 के नगर निकाय चुनाव में भी सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी।
उपकार दिल्ली की बवाना सीट से विधायक रह चुके हैं।
सोशल मीडिया पर चर्चित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अभिजीत दिपके की ओर से स्थापित इस डिजिटल मंच के जमीनी स्तर पर सक्रिय होने के बाद ही वह इस बारे में कोई टिप्पणी कर सकेंगे।
भाषा
हर्ष पारुल
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