शिमला, 25 जुलाई (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को कहा कि नीति आयोग के नवीनतम ‘निवेश अनुकूलता सूचकांक (आईएफआई) 2026’ में राज्य ने पहाड़ी एवं पूर्वोत्तर राज्यों की श्रेणी में तीसरा स्थान हासिल किया है और ‘अग्रिम कतार’ में जगह बनाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार के ‘कारोबारी सुगमता’ को बेहतर बनाने और नीतिगत सुधारों के जरिए निवेशकों का भरोसा मजबूत करने के प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने व्यवसाय सुधार कार्य-योजना (बीआरएपी) पर निरंतर ध्यान दिया है, जिससे कारोबार करना आसान हुआ है। राज्य की यह रैंकिंग पारदर्शी, कुशल और निवेशक-अनुकूल माहौल बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”
सुक्खू ने कहा कि नीति आयोग की रैंकिंग के प्रमुख स्तंभों में राज्य का बेहतर प्रदर्शन टिकाऊ औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए मजबूत आधार को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि सूचकांक में राज्य को मानव संसाधन, महिला कार्यबल भागीदारी, संस्थागत प्रभावशीलता, नियामकीय वातावरण और निवेशक-अनुकूल शासन ढांचे में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मान्यता मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हिमाचल प्रदेश ने बुनियादी ढांचा और संसाधन स्तंभ में पहला स्थान हासिल किया, जो लॉजिस्टिक, डिजिटल संपर्क, बिजली ढांचे और उच्च श्रम भागीदारी दर को दर्शाता है।’
नियामकीय सरलता के मामले में हिमाचल प्रदेश चौथे स्थान पर रहा, जबकि संस्थागत वातावरण में कम साइबर अपराध और प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली का सकारात्मक असर देखा गया। वहीं, कारोबारी माहौल श्रेणी में हिमाचल प्रदेश पांचवें स्थान पर रहा।
भाषा राजेश राजेश प्रेम
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