Sage University: शोध गतिविधियां बढ़ाने सेज यूनिवर्सिटी में Advisory Meet का आयोजन, अलग-अलग विषयों के 86 विशेषज्ञों ने साझा किए अपने विचार

सेज यूनिवर्सिटी में एडवाइजरी मीट का आयोजन, अलग-अलग विषयों के 86 विशेषज्ञों ने साझा किए अपने विचार, Advisory Meet at Sage University

Sage University: शोध गतिविधियां बढ़ाने सेज यूनिवर्सिटी में Advisory Meet का आयोजन, अलग-अलग विषयों के 86 विशेषज्ञों ने साझा किए अपने विचार

Sage University. Image Source- Sage University PRO

Modified Date: February 9, 2026 / 09:04 pm IST
Published Date: February 9, 2026 8:58 pm IST

भोपाल: Sage University मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित सेज यूनिवर्सिटी में शनिवार को एडवाइजरी मीट का आयोजन किया गया, जिसमें अलग-अलग संकायों के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एक्सपर्ट शामिल हुए। शैक्षणिक कार्यक्रमों, शोध गतिविधियों और संस्थागत कार्यप्रणालियों को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में इंडस्ट्री और अकादमिक से लगभग 86 एक्सपर्ट्स ने अपने विचार साझा किए।

Sage University कार्यक्रम में एम.पी इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस एंड रिसर्च उज्जैन के गवर्नमेंट बॉडी प्रेसिडेंट प्रोफेसर डॉ.गोपाल कृष्ण शर्मा, इसरो के सीनियर साइंटिस्ट डॉ.आशुतोष भारद्वाज और विक्टोरिया मेमोरियल हॉल, कलकत्ता के सेक्रेटरी समरेंद्र कुमार उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सेज ग्रुप के सी.एम.डी इंजीनियर संजीव अग्रवाल ने देश-विदेश से आए एक्सपर्ट्स का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि एक साथ मिलकर हमें सहयोगी वातावरण का निर्माण करना है, ताकि छात्रों के भविष्य निर्माण में इंडस्ट्री और अकादमिक की सकारात्मक भूमिका हो, जो उन्नति प्रदान करे। सेज ग्रुप की एम डी शिवानी अग्रवाल ने छात्रों और सभी अतिथि विशेषज्ञों को सेज परिवार से जुड़ने पर धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस आयोजन में विश्वविद्यालय के विभिन्न स्कूलों से जुड़े शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और शोध संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। प्रमुख सलाहकारों में डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव (अकादमिक्स, आई आई टी इंदौर), डॉ. मिथुल अहिरवार (अकादमिक्स, मैनिट भोपाल), डॉ. संदीप रघुवंशी (सीनियर एआई इंजीनियर, डाटाकोर , यूएसए ), आदर्श वंजारी (एसोसिएट डायरेक्टर, टाइगर एनालिटिक्स ), प्रो. (डॉ.) शुभ्रा त्रिपाठी (प्रोफेसर, एमवीएम कॉलेज, भोपाल) तथा डॉ. नारायण व्यास (पद्मश्री, आर्कियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया) शामिल रहे।

इन विद्वानों ने भी साझा किए विचार

पत्रकारिता एवं जनसंचार क्षेत्र से प्रो. (डॉ.) पवित्रा श्रीवास्तव (एचओडी, विज्ञापन एवं जनसंपर्क, एमसीएनयूजेसी भोपाल), हिमांशु शेखर (सीनियर एडिटर, राजनीतिक एवं समसामयिक विषय) और सुमित माहेश्वरी (डायरेक्टर, नवभारत प्रेस, भोपाल) ने अपने विचार साझा किए। विज्ञान, कृषि और शोध क्षेत्र से डॉ. एम. मोहंती (डायरेक्टर, आईसीएआर -आईआईएसएस भोपाल), प्रो. एस.पी. दत्ता (विजयाराजे सिंधिया कृषि विद्यालय, ग्वालियर), डॉ. निशांत सिन्हा (सीनियर साइंटिस्ट, आईसीएआर -आईआईएसएस), प्रो. रामकृष्ण पाल (पूर्व निदेशक, आईसीएआर -एनआरसी , सोलापुर), डॉ. विनय सहगल (प्रिंसिपल साइंटिस्ट, आईएआरआई नई दिल्ली), डॉ. दिनेश प्रसाद सेमवाल (प्रिंसिपल साइंटिस्ट, एनबीपीजीआर , नई दिल्ली) एवं डॉ. ओंकार नाथ तिवारी (प्रिंसिपल साइंटिस्ट एवं पी आई , डीएसटी प्रोजेक्ट, आईसीएआर ) उपस्थित रहे।

उद्योग, प्रबंधन और खेल से विशेषज्ञों ने दिए टिप्स

उद्योग, प्रबंधन और डिज़ाइन क्षेत्र से सीए अंशुल अग्रवाल (अग्रवाल एसोसिएट्स), सचित बंसल (संस्थापक, लेकम्फ़र्ट मैट्रेसेस ), डॉ. तपन शर्मा (संस्थापक, रसोमा इंडस्ट्री ), आर्क. सचिन परब (संस्थापक, डिज़ाइन स्टूडियो ), केन फर्न (कॉस्ट्यूम डिज़ाइनर एवं स्टाइलिस्ट) तथा रिखिल नागपाल (डिज़ाइन कंसल्टेंट) ने अपने अनुभव साझा किए। खेल एवं विधि क्षेत्र से प्रो. (डॉ.) बीर पाल सिंह (डीन, एन एल आई यू भोपाल), एडवोकेट पुलकित गोधा (गोधा लॉ चैंबर), संजीव शर्मा (डायरेक्टर स्पोर्ट्स, मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर), मनीष जैसवाल (डायरेक्टर स्पोर्ट्स, एस जी एस आई टी एस इंदौर), नरेश चतवारे (सेक्रेटरी, एमपी जूडो एसोसिएशन) और रश्मि वेडकर (चीफ कोच, बैडमिंटन, टीटी नगर स्टेडियम, भोपाल) शामिल रहे।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने जताया आभार

इसके अतिरिक्त डॉ. अशोक कादेल (चेयरमैन, हिंदी ग्रंथ अकादमी, मध्य प्रदेश), प्रो. (डॉ.) गोपाल कृष्ण शर्मा (प्रेसिडेंट, एमपी इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस रिसर्च), डॉ. आशुतोष भारद्वाज (वैज्ञानिक, इज़रो देहरादून), समरेंद्र कुमार (पूर्व डिप्टी डायरेक्टर जनरल, एन सी एस एम ), मिनू फाल तिटिना (एडवाइजरी काउंसिल मेंबर, अफ़्रीका -एशिया स्कॉलर्स नेटवर्क , यूके ), मानसी दोशी (एडिटर, एफ आई पी न्यूज़ लेटर) तथा डॉ. मनोज मोदी (बायोटेक्नोलॉजी विभाग, नई दिल्ली) भी आयोजन से जुड़े। आयोजन के दौरान शैक्षणिक चुनौतियों, पाठ्यक्रम सुधार, नवाचारी शिक्षण पद्धतियों तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग पर विस्तृत चर्चा की गई। अंत में विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी सलाहकारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके सुझावों को आगामी शैक्षणिक योजनाओं में शामिल करने की प्रतिबद्धता जताई। अंत में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. शिवगणेश भार्गव ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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