मप्र में जल्द प्रतिबंधित होगा ‘एनालॉग पनीर’, पड़ोसी सूबों का माल खपाए जाने की आशंका: मंत्री

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मप्र में जल्द प्रतिबंधित होगा ‘एनालॉग पनीर’, पड़ोसी सूबों का माल खपाए जाने की आशंका: मंत्री

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  • Publish Date - August 11, 2026 / 08:01 PM IST,
    Updated On - August 11, 2026 / 08:01 PM IST

इंदौर, 11 अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश के लोक स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने मंगलवार को कहा कि पड़ोसी राज्यों में कृत्रिम (एनालॉग) पनीर पर प्रतिबंध के बाद इसे मध्यप्रदेश में खपाए जाने की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार जल्द ही इस उत्पाद पर रोक लगाएगी।

पटेल ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा,“हम एनालॉग पनीर को जल्द से जल्द प्रतिबंधित करने वाले हैं ताकि हमारे प्रदेश के नागरिकों का स्वास्थ्य सही बना रहे।”

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात ने हाल ही में ‘एनालॉग पनीर’ पर प्रतिबंध लगाया है।

मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार को चिंता है कि पड़ोसी राज्यों में ‘एनालॉग पनीर’ पर प्रतिबंध लगने के बाद इसे खपाने के लिए मध्यप्रदेश भेजे जाने का सिलसिला ना शुरू हो जाए।

पटेल ने कहा,“जब हम भी प्रतिबंध लगा देंगे, तो एनालॉग पनीर मध्यप्रदेश में निश्चित तौर पर नहीं आ पाएगा।”

मंत्री ने कहा कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के स्पष्ट निर्देश हैं कि ‘एनालॉग पनीर’ को अलग से पैक करके और इसकी सही जानकारी देकर बेचा जाए, लेकिन आमतौर पर ऐसा नहीं किया जाता।

उन्होंने कहा कि आम उपभोक्ताओं को असली पनीर और ‘एनालॉग पनीर’ के बीच अंतर का पता नहीं होता।

पटेल ने कहा,‘‘इसका दुष्परिणाम यह हो रहा है कि असली पनीर की जगह एनालॉग पनीर खपाया जा रहा है।’’

उन्होंने दावा किया कि ‘एनालॉग पनीर’ में विभिन्न वनस्पति तेल और अन्य उत्पाद मिलाए जाते हैं जो मानव शरीर पर दुष्प्रभाव डालते हैं।

‘एनालॉग पनीर’ दूध-आधारित पारंपरिक पनीर का विकल्प है जिसमें दूध के घटकों के स्थान पर आंशिक या पूरी तरह से गैर-डेयरी सामग्री, जैसे वनस्पति वसा या प्रोटीन और अन्य उत्पादों का इस्तेमाल किया जाता है।

भाषा हर्ष जितेंद्र

जितेंद्र