अनूपपुर: Anuppur News: जिले से बड़ी ख़बर सामने आई है। फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाने के मामले में सरपंच, सचिव और पटवारी समेत 6 लोगों को अदालत ने दोषी करार देते हुए 4-4 साल की सश्रम कारावास और 2-2 हज़ार रुपये के जुर्माने की सज़ा सुनाई है।
Anuppur News: जानकारी के मुताबिक मामला थाना चचाई क्षेत्र का है। वर्ष 2014 से 2019 के बीच ग्राम बसंतपुर दफ़ाई अमलाई में सरपंच यदुराज पनिका, सचिव जितेंद्र प्रजापति और हल्का पटवारी शैलेन्द्र शर्मा ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत फर्जी दस्तावेज़ तैयार किए। आरोप है कि रमा गिरी और उसकी दोनों बेटियों, प्रियंका और मधु को गोंड जाति का फर्जी प्रमाण पत्र जारी कराया गया जबकि वे इस जाति से संबंधित नहीं थीं। इन फर्जी प्रमाण पत्रों के ज़रिए शासकीय सुविधाएं हासिल की गईं और लोगों को हरिजन एक्ट में फँसाने की धमकी देकर पैसों की ब्लैकमेलिंग भी की गई।
Anuppur News: शिकायत पर थाना चचाई पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले की जाँच शुरू की। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा ने 17 गवाहों और 107 दस्तावेज़ों को पेश किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश माया विश्वलाल ने सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए जेल भेजने के आदेश दिए।
"फर्जी जाति प्रमाण पत्र" बनवाने पर क्या सजा होती है?
"फर्जी जाति प्रमाण पत्र" बनवाने पर कानून के तहत सख्त सजा होती है, जैसे कि इस मामले में दोषियों को 4-4 साल की सश्रम कारावास और जुर्माना सुनाया गया है।
"अनूपपुर फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामला" किस क्षेत्र का है?
यह मामला थाना चचाई क्षेत्र, ग्राम बसंतपुर दफाई अमलाई का है।
"फर्जी जाति प्रमाण पत्र" के जरिए क्या गलत काम किए गए?
फर्जी प्रमाण पत्र के ज़रिए सरकारी सुविधाएं हड़पना और ब्लैकमेलिंग करना शामिल था।
"अदालत ने दोषियों को क्या सजा दी?"
अदालत ने दोषियों को 4 साल की सश्रम कारावास और 2-2 हजार रुपये जुर्माना दिया।
"इस मामले में कितने गवाह और दस्तावेज पेश किए गए?"
अभियोजन पक्ष ने 17 गवाहों और 107 दस्तावेज़ों को कोर्ट में पेश किया"इस मामले में कितने गवाह और दस्तावेज पेश किए गए?" अभियोजन पक्ष ने 17 गवाहों और 107 दस्तावेज़ों को कोर्ट में पेश किया