डेढ़ साल के बच्चे ने दर्ज कराया International Book of Record में अपना नाम, इन कारनामों से लोगों को किया हैरान…जानें

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जिस उम्र आप बच्चे अपना नाम भी ढंग से बोल नहीं पाते उस उम्र मे बालाघाट का जूनियर जीनियस अनुनय गढ़पाले 40 से ज्यादा देशों के नाम और उनके नेशनल फ्लैग को पहचान लेता है

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  • Publish Date - December 14, 2022 / 01:28 PM IST,
    Updated On - December 14, 2022 / 01:28 PM IST

Balaghat Genius Kid Anunay

 International Book of Record balaghat boy anunay बालाघाट: मध्यप्रदेश की धरती में एक और बुधजीवी बच्चे ने अपना टसन बना दिया है। जिस उम्र आप बच्चे अपना नाम भी ढंग से बोल नहीं पाते उस उम्र मे बालाघाट का जूनियर जीनियस अनुनय गढ़पाले 40 से ज्यादा देशों के नाम और उनके नेशनल फ्लैग को पहचान लेता है। इस कमाल की प्रतिभा के लिए अनुनय का नाम इंटरनेशल बुक ऑफ रिकॉर्ड और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है। साथ ही साथ उसके प्रसेंस ऑफ माइंड के लिए कई अन्य पुरुष्कारों से नवाजा जा चुका है। फिलहाल अनुनय की उम्र महज 1 साल 7 महीने का है।

मां ने बनाया बेटे को सुपर जीनियस

बेटे को सुपर जीनियस बनाने के लिए अनुनय की मां विद्या बताती हैं कि हमने जन्म के समय के बाद से ही देखा कि अनुनय सामान्य बच्चों से थोड़ा अलग बर्ताव कर रहा था। उसे मोबाइल गेम, कार्टून में इंटरेस्ट नहीं था। रंगीन चित्र उसे आकर्षित करते थे। साल भर बाद उसकी दिलचस्पी अल्फाबेट, नंबर्स और बड़ी हस्तियों की तस्वीरों में बढ़ी। चित्र वाली किताबें उसे बेहद पसंद आने लगीं। तब हमने तय किया कि उसे इसी दिशा में बेसिक लर्निंग देना शुरू करें। विद्या एक हाउस वाइफ हैं, जबकी उनके हसबैंड अनिमेष गढ़पाले बालाघाट में जिला परिवहन अधिकारी हैं। घर के काम से फुरसत मिलते ही विद्या अनुनय की ब्रेन पॉलिस में लग जाती हैं।

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रिकॉर्ड बनाने लगा अनुनय

 International Book of Record balaghat boy anunay  इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में अब अनुनय का नाम दर्ज हो गया है। अवॉर्ड सर्टिफिकेट में अनुनय की अलग-अलग कैटेगरी में कई उपलब्धि दर्ज है। जिसमें फ्रीडम फाइटर, स्मारक, आकार, रंग, फल-फूल, 20 से ज्यादा ट्रांसपोर्ट व्हीकल के नाम, शरीर के अंग, पक्षी, विभिन्न मुद्रा आदि को पहचानने और इनके नाम याद रखने की उपलब्धि है। अनुनय 40 देशों का झंडा बनाकर उनके देश की पहचान कर लेता है। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी अनुनय की इसी स्मृति के कारण रिकॉर्ड दर्ज किया गया है।

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