बरगी बांध हादसा: जीवित बची महिला ने लापरवाही, ‘लाइफ जैकेट’ को लेकर अफरा-तफरी मचने का लगाया आरोप

बरगी बांध हादसा: जीवित बची महिला ने लापरवाही, ‘लाइफ जैकेट’ को लेकर अफरा-तफरी मचने का लगाया आरोप

बरगी बांध हादसा: जीवित बची महिला ने लापरवाही, ‘लाइफ जैकेट’ को लेकर अफरा-तफरी मचने का लगाया आरोप
Modified Date: May 1, 2026 / 10:41 am IST
Published Date: May 1, 2026 10:41 am IST

(तस्वीरों के साथ जारी)

जबलपुर, एक मई (भाषा) मध्यप्रदेश में जबलपुर जिले के बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे में बाल-बाल बचीं दिल्ली निवासी संगीता कोरी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि लापरवाही और तैयारियों की कमी के कारण यह दुर्घटना हुई तथा अंतिम समय में ‘लाइफ जैकेट’ बांटने के दौरान अफरा-तफरी मच गई।

कोरी ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि नाव में क्षमता से अधिक करीब 40 लोग सवार थे, जिनमें बिना टिकट लिए बैठे कुछ बच्चे भी शामिल थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों की चेतावनी के बावजूद चालक ने नाव को सुरक्षित स्थान की ओर नहीं मोड़ा।

अधिकारियों ने बताया कि 29 यात्रियों और दो चालक दल के सदस्यों को लेकर जा रही क्रूज नाव बृहस्पतिवार शाम अचानक आए तूफान के कारण जलाशय में पलट गई थी।

कोरी ने कहा, ‘‘हम छह लोग दिल्ली से जबलपुर घूमने आए थे। हमने शाम करीब चार बजे अचानक बरगी बांध जाने का कार्यक्रम बनाया। जब क्रूज शाम करीब छह बजे लौट रहा था, तभी तेज हवाएं चलने लगीं और क्रूज में पानी भरने लगा।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि पर्याप्त तैयारी नहीं होने और लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।

कोरी के अनुसार, ‘‘किसी भी यात्री ने ‘लाइफ जैकेट’ नहीं पहन रखी थी। उन्हें अंदर कहीं रखा गया था। जब पानी भरने लगा तो उन्हें बांटने की कोशिश की गई जिससे अफरा-तफरी और धक्का-मुक्की मच गई। कुछ ही पलों में नाव पलट गई।’’

उन्होंने बताया कि अफरा-तफरी के बीच उन्होंने किसी तरह ‘लाइफ जैकेट’ पकड़कर अपनी जान बचाई।

कोरी ने आरोप लगाया कि क्रूज संचालक ने यात्रियों की सुरक्षा से ज्यादा पैसे कमाने को प्राथमिकता दी।

उन्होंने बताया कि उनके परिवार के तीन सदस्य सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि एक की मौत हो गई और दो अब भी लापता हैं।

कोरी ने कहा, ‘‘किनारे पर मौजूद स्थानीय लोग चिल्लाकर और इशारे करके चालक को नाव सुरक्षित दिशा में ले जाने के लिए कह रहे थे, लेकिन उसने उनकी बात नहीं सुनी। वह अनुभवहीन लग रहा था। अगर समय रहते नाव मोड़ दी जाती तो यह हादसा टल सकता था।’’

भाषा सं दिमो सिम्मी

सिम्मी


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