Shah-Maat Madhya Pradesh: ‘भगीरथपुर दूषित पानी’ पर सदन में जोरदार बहस.. विपक्ष ने सरकार पर लगाए दोषियों को उपकृत करने के आरोप, देखें पूरी चर्चा

bhagirathpura water contamination: भागीरथपुर जहरीले पानी मामले पर सदन में हंगामा, विपक्ष ने सरकार पर दोषियों को बचाने और उपकृत करने के आरोप लगाए।

Shah-Maat Madhya Pradesh: ‘भगीरथपुर दूषित पानी’ पर सदन में जोरदार बहस.. विपक्ष ने सरकार पर लगाए दोषियों को उपकृत करने के आरोप, देखें पूरी चर्चा

bhagirathpura water contamination || Image- IBC24 news File

Modified Date: February 20, 2026 / 11:43 pm IST
Published Date: February 20, 2026 11:43 pm IST
HIGHLIGHTS
  • भागीरथपुर मामले पर सदन में तीखी बहस
  • विपक्ष ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
  • मंत्रियों ने कार्रवाई को बताया निष्पक्ष

भोपाल: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सदन में कहा भागीरथपुर की घटना एक हादसा नहीं है, यह उस भरोसे की मौत है जो लोग सरकार और प्रशासन पर करते हैं,उन्होंने कहा, “सरकार इसे हत्या नहीं मानती, लेकिन सिस्टम के कारण हत्याएं हो रही हैं। (bhagirathpura water contamination) हम मंत्री पद पर कैसे सुशोभित रह सकते हैं? अधिकारी कुर्सियों पर कैसे बने रह सकते हैं? उनके ट्रांसफर हो जाते हैं। कुछ अधिकारियों को सस्पेंड किया गया, जो दलित और आदिवासी थे, उनको हटा दिया गया, जबकि दूसरे वर्ग के अधिकारियों को प्रमोशन दे दिया गया। क्या यही आपकी सरकार का न्याय है?”

उन्होंने आरोप लगाया कि “जो मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री के करीबी थे, उन्हें उपकृत कर दिया गया।” नेता प्रतिपक्ष के आरोप कि “मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री के करीबी अधिकारियों को उपकृत किया गया” पर कैलाश विजयवर्गीय ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री जी ने जो जांच कराई है, उसमें अधिकारियों ने जो रिपोर्ट दी, उसके आधार पर कार्रवाई की गई है।

अधिकारियों को जाति देखकर नहीं हटाया गया। मैं फिर गंभीरता से कहना चाहता हूं कि नेता प्रतिपक्ष का बहुत बड़ा पद है, आप इस प्रकार की बात मत करिए। जो जवाबदार व्यक्ति था, उसे हटाया गया। जवाबदारी तय करते समय किसी की जाति नहीं देखी जाती। अधिकारियों ने जो नाम दिए, उनके खिलाफ भी निष्पक्षता से कार्रवाई हुई है।” (bhagirathpura water contamination) इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “अधिकारियों को हटाया गया, लेकिन न नगरीय प्रशासन मंत्री ने जवाबदारी ली और न ही मुख्यमंत्री जी ने जवाबदारी ली। अगर वास्तव में जवाबदारी ले रहे हैं, तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। आपके हिसाब से 20 लोगों की मौत हुई है, जबकि मीडिया के अनुसार 35 लोगों की मौत हुई है।” मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि, कार्यवाही किसी भी अधिकारी पर जाति धर्म देखकर नहीं की जाती। जो भी नियम कानून में दोषी होगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

इन्हें भी पढ़ें:-


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

A journey of 10 years of extraordinary journalism.. a struggling experience, opportunity to work with big names like Dainik Bhaskar and Navbharat, priority given to public concerns, currently with IBC24 Raipur for three years, future journey unknown