CM Mohan Yadav Birthday : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने जन्मदिन पर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व को दी बड़ी सौगात, यह जिला बनेगा चीतों का नया बसेरा

Mohan Yadav ने Veerangana Durgavati Tiger Reserve में 14 संरक्षित कछुओं को बामनेर नदी में विमुक्त किया और चीतों के पुनर्वास हेतु विशेष बोमा का भूमि-पूजन कर जैव विविधता संरक्षण का संदेश दिया।

CM Mohan Yadav Birthday : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने जन्मदिन पर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व को दी बड़ी सौगात, यह जिला बनेगा चीतों का नया बसेरा

CM Mohan Yadav Birthday / Image Source : MPDPR

Modified Date: March 25, 2026 / 11:52 pm IST
Published Date: March 25, 2026 11:48 pm IST
HIGHLIGHTS
  • वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व की बामनेर नदी में विमुक्त किए 14 कछुए
  • चीतों के लिए विशेष बोमा निर्माण के साथ यह क्षेत्र वन्यजीव संरक्षण का नया केंद्र बनेगा।
  • टाइगर रिजर्व के विस्तार से पर्यटन और रोजगार दोनों बढ़ेंगे।

भोपाल : CM Mohan Yadav Birthday मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को सागर जिले के वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिज़र्व (नौरादेही) में संरक्षित प्रजाति के कछुओं को जल में विमुक्त कर जैव विविधता संरक्षण का नव संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने चीतों के पुनर्वास के लिए बनने वाले विशेष बाड़े (बोमा) का भूमि-पूजन भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार जंगलों और जल स्रोतों को समृद्ध बनाकर वन्य प्राणियों एवं जलीय जीवों के संरक्षण के लिए सतत् प्रयास कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से साफ पानी वाली नदियों में कछुओं की विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण और संवर्धन पर जोर देते हुए कहा कि इससे हमारे पारिस्थितिकीय संतुलन को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नौरादेही टाइगर रिजर्व को भविष्य में एक और बड़ी पहचान मिलने जा रही है। आने वाले समय में यह क्षेत्र मध्यप्रदेश में चीतों का तीसरा सुरक्षित आवास बनेगा। इससे मध्यप्रदेश के वन्य-जीव पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही हमारी जैविक सम्पदा और भी समृद्ध होगी। उन्होंने कहा कि प्रकृति और विकास के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में हमारी सरकार यह महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने जन्म दिवस पर चीता पुनर्वास के लिए सॉफ्ट रिलीज बोमा (बाड़े) का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जलीय जीवों की समृद्धि के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दिखाते हुए यहां चंबल नदी और भोपाल से लाए गए 14 कछुए भी मुक्त विचरण के लिये बामनेर नदी में छोड़े। यह मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा नेशनल टाइगर रिजर्व है। जिसकी सीमाएं सतपुड़ा, कान्हा और पेंच राष्ट्रीय उद्यान से मिलती हैं। नौरादेही टाइगर रिजर्व में कई प्रकार के वन्यजीवों की प्रजातियों के लिए अनुकूल वातावरण है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। जंगल की सुंदरता हमारे वन्य जीवों से होती है। राज्य सरकार जीवोदया के संकल्प से कार्य कर रही है। जलचर, थलचर और नभचर सभी प्राणियों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बीते समय घड़ियाल और 25 कछुए कूनो-पालपुर में छोड़े थे और 5 गिद्धों को भी मुक्तावास में छोड़ा था। यह सभी प्रकार के जीवों के संरक्षण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। प्रदेश में वन्य-जीव पर्यटन के विकास एवं विस्तार से ग्रामीण आबादी को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। टाइगर रिजर्व से मानवों को वन्यजीवों के साथ जीने और सहअस्तित्व की भावना का सहज प्रकटीकरण होता है।

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व की बामनेर नदी में विमुक्त किए 14 कछुए

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को अपने 61वें जन्म-दिवस पर सागर जिले की रहली तहसील स्थित वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में वन्य-जीव संरक्षण की दिशा में एक नई पहल की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली बामनेर नदी में 14 कछुओं को उनके प्राकृतिक आवास में विमुक्त (रिलीज) किया। ये कछुए 2 विशिष्ट प्रजातियों के हैं। टेरा प्रिंस प्रजाति के 06 कछुए और सुंदरी प्रजाति के 08 कछुए। विशेषज्ञों के अनुसार, ये प्रजातियाँ नदी की स्वच्छता बनाए रखने और जलीय जैव-विविधता के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

प्रकृति और वन्य-जीवों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रकृति और वन्य-जीवों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है। कछुओं का विमुक्तिकरण और चीता पुनर्वास की दिशा में बढ़ते कदम मध्यप्रदेश को वन्य-जीव पर्यटन और संरक्षण के वैश्विक मानचित्र पर और अधिक प्रभावी रूप से स्थापित करेंगे। उन्होंने पारिस्थितिकी तंत्र में कछुओं की महत्ता पर जोर देते हुए जल संरचनाओं के संरक्षण का आह्वान किया।

बदलेगी बुंदेलखंड की तस्वीर

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का विस्तार 2,339 वर्ग किमी में है। यह प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है, जो सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिलों तक फैला है। Wildlife Conservation Madhya Pradesh, इसे लैंड ऑफ वुल्व्स (भेड़ियों की धरती) भी कहा जाता है। वर्तमान में यहाँ करीब 32 बाघ मौजूद हैं। टाइगर रिजर्व में चीतों के अनुकूल भूमि उपलब्ध है। इस प्रकार की भूमि दक्षिण अफ्रीका में पायी जाती है। शीघ्र ही कूनो अभयारण्य से चीतों को लाकर यहाँ बसाया जायेगा। अभयारण्य में चिड़ियों की 240 प्रजातियाँ पायी जाती हैं, जो आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं। टाइगर रिजर्व में विभिन्न प्रजाति के पशु-पक्षी हैं, जिसमें टाइगर, पैंथर, भेड़िया, भालू, सियार, लकड़बग्घा, लोमड़ी, सुअर, नीलगाय, जंगली सुअर, चौसिंगा, काला हिरण, चिंकारा, कछुआ और मगरमच्छ आदि शामिल हैं। इसके विकास के साथ वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पर्यटन के साथ रोजगार की अपार संभावनाएँ हैं।

जन्मदिन पर बच्चियों को खिलाई काजू कतली, प्रदान किए ड्राइविंग लायसेंस

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जन्म दिवस पर रहली में अभूतपूर्व स्वागत और अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने जन्मदिन पर सभी बच्चियों को अपने हाथों से काजू कतली खिलाई और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने वहां मौजूद 8 बच्चियों को ड्राइविंग लाइसेंस सर्टिफिकेट भी प्रदान किये। डॉ. यादव ने कहा कि सरकार बेटियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

मुख्यमंत्री ने कृषक हरदास के खेत में खाट पर बैठकर किया भोजन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कृषक श्री हरदास रैकवार के खेत पर पहुंचने पर कृषक परिवार ने कलश रखकर, चंदन रोली का तिलक लगाते हुए पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।Cheetah return in MP मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण परिवेश में आम के वृक्ष की छांव में खाट पर बैठकर भोजन किया। भोजन के पूर्व उन्होंने गौ माता को गुड-चारा भी खिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुन्देली भोजन की तारीफ की और कढ़ी, बिर्रा की रोटी, समां के चावल की खीर, खीचला-पापड़ आदि व्यंजनों का स्वाद चखा। इस अवसर पर उन्होंने किसान से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मिल रहे लाभ की जानकारी भी ली।

वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार, रहली विधायक एवं पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, देवरी विधायक  बृज बिहारी पटेरिया, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह,  श्याम तिवारीरानी कुशवाहा, प्रधान सचिव, वन विभाग, मध्यप्रदेश  संदीप यादव, वन बल प्रमुख  शुभरंजन सिंह सेन, संभागायुक्त  अनिल सुचारी, पुलिस महानिरीक्षक  हिमानी खन्ना, पुलिस उप महानिरीक्षक  सचिंद्रनाथ चौहान, कलेक्टर संदीप आर, पुलिस अधीक्षक विकास शाहवाल, मुख्य वन संरक्षक  दीपू दमन सिंह भदौरिया, डीएफओ  रजनीश सिंह एवं श्री वरुण यादव सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

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लेखक के बारे में

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