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Mahakal Temple Summer Rituals: उज्जैन। लगातार बढ़ती गर्मी जहां आम लोगों को परेशान कर रही है, वहीं आस्था और भक्ति के भाव में श्रद्धालु भगवान को भी शीतलता पहुंचाने के लिए विशेष उपाय कर रहे हैं। धर्मनगरी उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर से लेकर इस्कॉन मंदिर उज्जैन तक इन दिनों भगवान को ठंडक देने के लिए अनोखे धार्मिक अनुष्ठान देखने को मिल रहे हैं।
महाकालेश्वर मंदिर में भगवान शिव को शीतलता प्रदान करने के लिए मटकियों में देशभर की पवित्र नदियों का जल भरकर निरंतर जलधारा अर्पित की जा रही है। यह परंपरा विशेष रूप से वैशाख और ज्येष्ठ मास की भीषण गर्मी में निभाई जाती है। मंदिर के पुजारी शैलेंद्र शर्मा के अनुसार भगवान शिव रुद्र स्वरूप हैं और उन्हें शांत रखने के लिए जल अर्पण का विशेष महत्व है।
कोटि तीर्थ कुंड के जल में विभिन्न तीर्थों का पवित्र जल मिलाकर भगवान महाकाल को अर्पित किया जाता है, जिससे उनके रौद्र स्वरूप को शांत करने की मान्यता है। वहीं दूसरी ओर, इस्कॉन मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण को गर्मी से राहत देने के लिए चंदन का लेप लगाया जा रहा है। यहां श्रद्धालु स्वयं अपने हाथों से चंदन घिसकर भगवान को अर्पित करते नजर आ रहे हैं।
मंदिर के पुजारी सुंदर दामोदर दास ने बताया कि चंदन लेप की यह परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है, जिसका संबंध नाथद्वारा के श्रीनाथजी से जुड़ा हुआ है। मान्यता के अनुसार भगवान को चंदन अर्पित करने से उन्हें शीतलता मिलती है। इस्कॉन मंदिर में भगवान को ठंडक देने के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं, जिनमें मंदिर परिसर में एयर कंडीशनर तक लगाए गए हैं। चंदन लेप की यह प्रक्रिया करीब 21 दिनों तक चलती है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त भाग लेते हैं।