Mohan Cabinet Baithak/Image Sourec: DPR MP
भोपाल: Mohan Cabinet Baithak मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मोहन कैबिनेट की बैठक समाप्त हो गई। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्यप ने मीडिया को बैठक में लिए गए अहम फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह गणतंत्र दिवस के बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक थी।
Mohan Cabinet ke Faisle: कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव हाल ही में पार्टी इकोनॉमिक फोरम की यात्रा से लौटे हैं और बैठक में उन्होंने मंत्रिमंडल के साथियों को इस यात्रा से जुड़े अनुभवों और निवेश से संबंधित संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बीते दो-तीन वर्षों में मध्य प्रदेश को निवेश का प्रमुख डेस्टिनेशन बनाने में सफलता मिली है। बैठक में सेवा भारती योजना को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस योजना के तहत लगभग 34 कमरे बनाकर 56 बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था की जाएगी। यह योजना लंबे समय से प्रस्तावित थी। इसके अलावा राज्य में महाकाल महोत्सव, विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों और खेलो एमपी यूथ गेम्स के आयोजन को भी मंजूरी दी गई, जिनकी अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री करेंगे।
कैबिनेट में पचमढ़ी विकास योजना पर भी अहम चर्चा हुई। पिछले वर्ष पचमढ़ी नगर के विकास को लेकर निर्णय लिया गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के कारण कुछ नदियों और नालों को लेकर समस्या आई थी। अब संशोधित स्वरूप में विकसित क्षेत्र परिवर्तन कर पचमढ़ी के विकास को फिर से अनुमोदन दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत पचमढ़ी पर्यटन को नए सिरे से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।इसके साथ ही टाइगर रिजर्व को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। मध्य प्रदेश में टाइगर की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे बफर जोन में घटनाएं सामने आ रही हैं। इसे देखते हुए 390 करोड़ रुपये की सुरक्षा और प्रबंधन योजना को मंजूरी दी गई है।
जल संसाधन विभाग की दो बड़ी पूर्व परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई। इनमें दवा परियोजना की दाईं तरफ बागरा शाखा के माध्यम से ड्रिप इरीगेशन से सुहागपुर और बाबई तहसील को लिफ्ट कर पानी उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं पिपरिया शाखा से सुहागपुर तहसील को पानी मिलेगा। इससे करीब 4200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। नरसिंहपुर जिले में जहां वर्तमान में 71 प्रतिशत सिंचाई होती है, वह बढ़कर 80–81 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। यह परियोजना 200 करोड़ रुपये से अधिक की है।
कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों की कुल 15 योजनाओं को स्वीकृति दी गई है। साथ ही जिन योजनाओं के 5 वर्ष पूरे हो चुके हैं, उनके क्रियान्वयन को भी मंजूरी दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री कृषक योजना पर भी चर्चा हुई, जिसके तहत 500 करोड़ रुपये का प्रावधान है और इसमें केंद्र सरकार से भी अनुदान मिलता है। वहीं राजस्व विभाग के राजस्व और कार्यालय व्यवस्था को सुधारने का निर्णय भी लिया गया।
बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विदेश आने-जाने का खर्च सरकार उठाती रहेगी निवेश योजना पिछड़ा वर्ग के युवाओं को फायदा मिलेगा पहले जापान में युवाओं को भेजने का था। अब किसी भी देश में जाना चाहते हैं उसे आने-जाने का खर्च राज्य शासन की जाएगी। इसमें 500 बच्चे हर साल जाएंगे इसमें 45 करोड़ का प्रावधान किया गया है।