Mohan Cabinet Big Decisions/Image Source: MP DPR
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मोहन कैबिनेट की बैठक समाप्त हो गई। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्यप ने मीडिया को बैठक में लिए गए अहम फैसलों (Mohan Cabinet Big Decisions) की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह गणतंत्र दिवस के बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक थी।
कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों की कुल 15 योजनाओं को स्वीकृति दी गई है। साथ ही जिन योजनाओं के 5 वर्ष पूरे हो चुके हैं, उनके क्रियान्वयन को भी मंजूरी (Mohan Cabinet Big Decisions) दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री कृषक योजना पर भी चर्चा हुई, जिसके तहत 500 करोड़ रुपये का प्रावधान है और इसमें केंद्र सरकार से भी अनुदान मिलता है। वहीं राजस्व विभाग के राजस्व और कार्यालय व्यवस्था को सुधारने का निर्णय भी लिया गया।
इसके अलावा बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला (Mohan Cabinet Big Decisions) लिया गया। अब पिछड़ा वर्ग के युवाओं को विदेश में रोजगार के अवसर दिलाने के लिए आने-जाने का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। पहले यह योजना केवल जापान तक सीमित थी, लेकिन अब किसी भी देश में जाने के लिए यह सुविधा मिलेगी। इस योजना के तहत हर साल 500 युवाओं को लाभ मिलेगा और इसके लिए 45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जल संसाधन विभाग की दो बड़ी पूर्व परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई। इनमें दवा परियोजना की दाईं तरफ बागरा शाखा के माध्यम से ड्रिप इरीगेशन से सुहागपुर और बाबई तहसील को लिफ्ट कर पानी उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं पिपरिया शाखा से सुहागपुर तहसील को पानी मिलेगा। इससे करीब 4200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। नरसिंहपुर जिले में जहां वर्तमान में 71 प्रतिशत सिंचाई होती है, वह बढ़कर 80-81 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। यह परियोजना 200 करोड़ रुपये से अधिक की है।
कैबिनेट में पचमढ़ी विकास योजना पर भी अहम चर्चा हुई। पिछले वर्ष पचमढ़ी नगर के विकास को लेकर निर्णय (Mohan Cabinet Big Decisions) लिया गया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के कारण कुछ नदियों और नालों को लेकर समस्या आई थी। अब संशोधित स्वरूप में विकसित क्षेत्र परिवर्तन कर पचमढ़ी के विकास को फिर से अनुमोदन दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत पचमढ़ी पर्यटन को नए सिरे से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।इसके साथ ही टाइगर रिजर्व को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। मध्य प्रदेश में टाइगर की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे बफर जोन में घटनाएं सामने आ रही हैं। इसे देखते हुए 390 करोड़ रुपये की सुरक्षा और प्रबंधन योजना को मंजूरी दी गई है।