कांग्रेस ने मुसलमानों को नजरअंदाज किया, इसलिए एआईएमआईएम का महाराष्ट्र निकाय चुनाव में आधार बढ़ा : दलवई

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कांग्रेस ने मुसलमानों को नजरअंदाज किया, इसलिए एआईएमआईएम का महाराष्ट्र निकाय चुनाव में आधार बढ़ा : दलवई

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  • Publish Date - January 27, 2026 / 07:24 PM IST,
    Updated On - January 27, 2026 / 07:24 PM IST

मुंबई, 27 जनवरी (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुसैन दलवई ने मंगलवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) को भारतीय जनता पार्टी की ‘‘बी टीम’’ करार दिया और महाराष्ट्र के हालिया निकाय चुनावों में असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली पार्टी की सफलता का कारण कांग्रेस का मुसलमानों के साथ मज़बूती से खड़े न होना बताया।

‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में राज्यसभा के पूर्व सदस्य दलवई ने कहा कि एआईएमआईएम को इसलिए अच्छी खासी संख्या में वोट मिले, क्योंकि जब भाजपा और आरएसएस के नेताओं ने मुसलमानों को निशाना बनाया, तब कांग्रेस मुसलमानों का साथ देती नहीं दिखाई दी।

दलवई ने कहा, ‘‘ यह कांग्रेस की गलती है। पार्टी मुसलमानों को नज़रअंदाज़ कर रही है और इसीलिए मुसलमान भी कांग्रेस को नजरअंदाज कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि मुंबई में एआईएमआईएम ने जो आठ सीट जीती हैं, वे कांग्रेस की झोली में आ सकती थीं, जो 227 सदस्यों वाली बृहन्मुंबई महानगर पालिका में सिर्फ़ 24 सीट ही जीत पाई।

उन्होंने कहा कि जब मुसलमानों के साथ अन्याय होता है, तो कांग्रेस को उनके साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए, और समुदाय सुरक्षा की आस में एआईएमआईएम का रुख कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘ मुसलमानों को यह समझना चाहिए कि वे सिर्फ़ धर्मनिरपेक्ष पार्टियों के साथ ही सुरक्षित हैं।’

मुंबई महापौर का पद समान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किए जाने संबंधी एक सवाल के जवाब में दलवई ने कहा, ‘‘ आएसएस ब्राह्मणवादी है। सनातन धर्म का समर्थन करना ब्राह्मणवाद है। यहां तक ​​कि ब्राह्मण भी ब्राह्मणवाद के खिलाफ बोलते हैं। भाजपा की राजनीति ब्राह्मणवादी है और इसीलिए वह एक ब्राह्मण महिला को महापौर बनाना चाहती है।’’

भाषा शोभना दिलीप

दिलीप