Mohan Cabinet ke Faisle: एक साथ होंगे एमपी और महाराष्ट्र के ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, जंगली हाथियों से बचाव के लिए ग्रामीणों को दी जाएगी ट्रेनिंग, मोहन बैठक में लिए गए कई अहम फैसले
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Mohan Cabinet ke Faisle: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई गई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए।
Mohan Cabinet ke Faisle: भोपाल। राजधानी भोपाल में आज मंगलवार 13 मई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई गई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बैठक में हुए फैसलों की जानकारी दी। कैबिनेट में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के लिए पीएम मोदी, रक्षा मंत्री सहित देश की तीनों सेनाओं का अभिनंदन भी किया गया।
Mohan Cabinet ke Faisle: मोहन कैबिनेट के फैसले (Mohan Cabinet Meeting)
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि, प्रदेश में गेहूं उपार्जन का काम 5 मई को सभी केंद्रों पर सम्पन्न हुआ। 9 लाख किसानों का पंजीयन करने के बाद 77.74 लाख मैट्रिक टन खरीदा गया, जिसका भंडारण हो चुका है। जहां अभी बाहर रखा है उसका भी भंडारण बारिश के पहले करने के निर्देश दिए गए हैं । 18, 842 करोड रुपए की राशि किसानों को भुगतान किया गया है, बचा हुआ 18 करोड़ का भुगतान भी जल्दी किया जाएगा।
एमपी और महाराष्ट्र के जो ज्योतिर्लिंग हैं, उन सबका एक सर्किट बनाया जाएगा। जो की धार्मिक सर्किट होगा, जिससे कि इन सभी ज्योतिर्लिंगों पर लोग एक साथ जा सके। इस तरह की योजना बनाने का निर्णय लिया गया है।
महाराष्ट्र में जिस स्थानों पर श्री कृष्ण लीलाएं की ऐसे स्थानों को डेवलप करने का काम किया जाएगा।
मोड़ी लिपि को सुरक्षित करने का काम, उसके विद्यार्थी तैयार करना उसे दिशा में भी सरकार काम करेगी।
16 मई को इंदौर में रीजनल ग्रोथ कॉन्क्लेव मेनमेड टेक्निकल टैक्सटाइल एक्सपो का होगा।
भारत अर्थ मूवर के साथ एमओयू किया जाएगा। साइन आने वाले समय में रायसेन के गोहर गंज में उद्योग स्थापित करेंगे, जिसमें मेट्रो रेल के कोच का निर्माण होगा।
20 मई को इंदौर के राजवाड़ा पर देवी अहिल्याबाई की स्मृति में कैबिनेट की बैठक होगी, इसमें हम विजन 2047 पर चर्चा करेंगे।
छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे ऐसे जिले का कॉरिडोर जहां हाथी फसल और जनजीवन को नुकसान पहुंचाते हैं, वहां 47 करोड़ की योजना से लोगों को प्रशिक्षण देकर कंट्रोल रूम बनाया जाएगा।
मध्यप्रदेश सरकार ने कौन-सा नया धार्मिक सर्किट बनाने का निर्णय लिया है?
सरकार ने मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के ज्योतिर्लिंगों को जोड़कर एक धार्मिक सर्किट बनाने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक साथ सभी प्रमुख ज्योतिर्लिंगों तक पहुंचाने के लिए संगठित यात्रा सुविधा देना है।
इस धार्मिक सर्किट में कौन-कौन से ज्योतिर्लिंग शामिल हो सकते हैं?
संभावित ज्योतिर्लिंग जिनमें मध्यप्रदेश का महाकालेश्वर (उज्जैन), ओंकारेश्वर (खंडवा) और महाराष्ट्र का त्र्यंबकेश्वर (नासिक), भीमाशंकर (पुणे), घृष्णेश्वर (औरंगाबाद) यह सर्किट इन तीर्थ स्थलों को धार्मिक पर्यटन से जोड़कर पर्यटन और आस्था दोनों को बढ़ावा देगा।
छत्तीसगढ़ सीमा से लगे जिलों के लिए क्या योजना बनाई गई है?
छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे ऐसे जिले का कॉरिडोर जहां हाथी फसल और जनजीवन को नुकसान पहुंचाते हैं, वहां 47 करोड़ की योजना से लोगों को प्रशिक्षण देकर कंट्रोल रूम बनाया जाएगा।