MP Jan Aakrosh Mahila Padyatra: ‘हक का गला घोंटा गया..’ महिला आरक्षण को लेकर राजधानी में प्रदर्शन, CM मोहन यादव ने लाड़ली बहनों से की ये अपील, विपक्ष को कहा-कब्र से निकालकर…

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  • Publish Date - April 20, 2026 / 02:20 PM IST,
    Updated On - April 20, 2026 / 02:20 PM IST

CM MOHAN YADAV/ image source: ibc24

HIGHLIGHTS
  • महिला आरक्षण पर सियासी हमला
  • सीएम का कांग्रेस पर तीखा बयान
  • जन-आक्रोश पदयात्रा में बड़ी भीड़

MP Jan Aakrosh Mahila Padyatra: भोपाल: ‘महिला आरक्षण बिल न पास होने पर कांग्रेस ने उसका मजाक उड़ाया। कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी को शर्म आनी चाहिए। प्रियंका बड़ी-बड़ी बातें करती थीं, कहती थीं मैं लड़की हूं, लड़ सकती हूं। अब उनकी ये बड़ी-बड़ी बातें कहां गईं, जब बहनों के अधिकार का उन्होंने गला घोंट दिया। कांग्रेस ने आजादी के समय शुरू की अपनी परंपरा को निभाया। प्रियंका-राहुल के पिता ने भी तीन तलाक के कानून को लेकर बहनों के अधिकार पर डाका डाला था।’ यह बातें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहीं। सीएम डॉ. यादव 20 अप्रैल को भोपाल में आयोजित ‘जन-आक्रोश महिला पदयात्रा’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कार्यक्रम में सहभागिता करने आईं हजारों बहनों का वंदन भी किया। उन्होंने कहा कि इस आक्रोश को देश के सामने लाना है।

Mohan Yadav Bhopal speech: सीएम ने क्या कहा..?

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये जो आपके अंदर की आग है, अपने हक की आग है, इसे बुझने नहीं देना है। कांग्रेस और उसके साथी विपक्षी दलों ने बहनों के हक पर डाका डाला है। वे अपने मंसूबों में कभी कामयाब नहीं हो सकते। भारत में बहनों के हक के लिए भाइयों ने सदैव लड़ाइयां लड़ीं। राजा राम मोहन राय ने सती प्रथा के खिलाफ लड़ाई शुरू की। ज्योतिबा फुले ने नारी समानता के लिए लड़ाई लड़ी। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने बहनों को अधिकार दिलाने के लिए लड़ाई शुरू की। महात्मा गांधी से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के हक में आवाज उठाई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, नारी सब भूल जाती है, कभी अपना अपमान नहीं भूलती। यह हमको याद रखना है।

Women Reservation Bill: सरकार बहनों के निर्णय के साथ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी पार्टी ने चाहा था कि सब दल मिलकर इसका समर्थन करें, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। देश की आधी आबादी की इच्छा का गला घोंटने वालों आपको कब्र से निकालकर सजा दी जाएगी। आपने बहनों के साथ अन्याय किया है। आपको ये बहनें माफ नहीं करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मन में इस बात का आक्रोश है कि हमारे बहनों के लिए जो अवसर मिला था, उसे विपक्ष ने कुचल दिया। हमारी परंपरा तो मातृ सत्ता की रही है। जब तक हम सीता नहीं बोलते, तब तक भगवान राम भी आशीर्वाद नहीं देते। जब तक राधा को याद नहीं करो, तब तक कन्हैया भी मुस्कुराते नहीं हैं। उनका आशीर्वाद नहीं मिलता है। बिना माता के महादेव का आशीर्वाद कैसे मिल सकता है। आज भोपाल से पदयात्रा निकल रही है। इस आक्रोश को पूरे देश के सामने लाना है। बहनों ने अक्षय तृतीया पर यहां आकर लोकतांत्रिक मार्ग को अपनाया है। इस बात के लिए मैं बहनों का वंदन करता हूं। हमारी सरकार बहनों के निर्णय के साथ खड़ी है। हर जगह निंदा प्रस्ताव पारित करेंगे। विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर निंदा करेंगे।

Madhya Pradesh political rally news: विपक्ष की जितनी आलोचना करें, उतनी कम

कार्यक्रम में वरिष्ठ विधायक एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि महिला आरक्षण बिल राजनीतिक मुद्दा नहीं था, यह बहनों का अधिकार था। विपक्ष ने इसका समर्थन नहीं किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार चाहते थे कि बहनों को उनका हक मिले। आजादी के बाद राजनीतिक दलों ने इस पर बात भी की। लेकिन, जब फैसला लागू करने का समय आया, तो विपक्ष ने रोड़ा अटका दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने कुठाराघात किया। नारी शक्ति का योगदान भारत के इतिहास में दर्ज है। आज हम विपक्ष की जितनी आलोचना करें, उतनी कम है। विपक्ष ने संवेदनहीनता का स्वभाव बना लिया है। यह बदलाव की आंधी है। विपक्ष ने भारत के सपने को तोड़ दिया। यह आक्रोश घर-घर तक जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं बहनों से आह्वान करता हूं कि यह आक्रोश हर समाज में दिखना चाहिए। बहनों से आह्वान करता हूं जिसने भी उनके सपने को कुचला है समय आने पर उनका हिसाब लें। बहनें कांग्रेस से पूछे कि महिलाओं की उम्मीदें कुचलने का अधिकार उसे किसने दिया। मैं उम्मीद करता हूं बहनों के अंतर्मन में ज्वाला निरंतर जलती रहेगी।

कुछ ऐसा था नजारा

‘आज मैंने सूर्य से बस जरा सा यूं कहा, आपके साम्राज्य में इतना अंधेरा क्यूं रहा?, तमतमा कर वह दहाड़ा- मैं अकेला क्या करूं? संग्राम यह घनघोर है, कुछ मैं लड़ूं कुछ तुम लड़ो।’ कुछ-कुछ इसी कविता की तरह महिलाओं की लड़ाई आज राजधानी की सड़क पर दिखाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खुद पार्टी पदाधिकारियों और महिलाओं के साथ सड़क पर उतरे। इस दौरान गांव-गांव से हजारों महिलाएं भी यहां पहुंचीं। उन्होंने अपने हाथों में कई तरह के स्लोगन लिखे पोस्टर लिए हुए थे। विख्यात गायिका अंबिका जैन अंबर ने भी मंच से महिलाओं को अपने अधिकारियों के लिए जागरूक किया।

इन्हें भी पढ़ें:

कार्यक्रम कहां हुआ?

भोपाल में पदयात्रा आयोजित हुई।

किसने बयान दिया?

सीएम डॉ. मोहन यादव ने।

मुद्दा क्या था?

महिला आरक्षण बिल को लेकर विवाद।