चंडीगढ़, 21 जुलाई (भाषा) पंजाब सरकार ने मंगलवार को कहा कि उसने केंद्र से गेहूं और धान के मासिक उठाव को बढ़ाकर कम से कम 12 लाख टन करने का आग्रह किया है, ताकि आने वाले खरीद सत्र से पहले पर्याप्त भंडारण जगह बनाई जा सके।
इस मांग पर मंत्री समूह (जीओएम) की बैठक में चर्चा की गई। बैठक में कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री लाल चंद कटारूचक और जल संसाधन मंत्री वरिंदर कुमार गोयल शामिल थे।
एक सरकारी बयान के अनुसार, मंत्रियों ने धान खरीद सत्र 2026-27 और गेहूं खरीद सत्र 2027-28 की तैयारियों की समीक्षा की और राज्य से अनाज की आवाजाही की धीमी गति पर चिंता व्यक्त की।
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि इस साल जनवरी से जुलाई के बीच पंजाब से 75.67 लाख टन अनाज उठाया गया है, जिसमें 37.13 लाख टन गेहूं और 38.54 लाख टन धान शामिल है।
मौजूदा समय में राज्य में 181 लाख टन की छतदार भंडारण क्षमता (साइलो सहित) और 68 लाख टन की खुले में भंडारण की क्षमता है।
मंत्री समूह ने कहा कि पंजाब ने बार-बार केंद्र से मासिक अनाज निकासी को कम से कम 12 लाख टन तक बढ़ाने का अनुरोध किया है, लेकिन वर्तमान आवाजाही केवल पांच लाख टन प्रति माह के आसपास है, जिससे नई आवक से पहले भंडारण सुविधाओं पर दबाव बन रहा है।
मंत्रियों ने अनाज की तेज आवाजाही और खरीद से संबंधित अन्य मामलों को उठाने के लिए उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री के साथ बैठक करने का निर्णय लिया।
यह भी बताया गया कि पंजाब ने आगामी खरीफ खरीद सत्र के दौरान केंद्रीय पूल के लिए 180 लाख टन धान की खरीद का लक्ष्य मांगा है।
धान की खरीद 2,462 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जाएगी।
भाषा राजेश राजेश रमण
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