TET EXAM/ image source: IBC24
MP Shikshak News: भोपाल: मध्यप्रदेश में शिक्षा विभाग के एक बड़े फैसले ने हजारों शिक्षकों की चिंता बढ़ा दी है। सरकार ने साफ कर दिया है कि RTE 2009 से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों को अब टीईटी परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा, नहीं तो उनकी नौकरी खतरे में पड़ सकती है। लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल ने इस संबंध में आदेश जारी कर सभी संभागीय और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। फैसले के मुताबिक जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में अभी 5 साल से अधिक समय बचा है, उन्हें दो साल के भीतर टीईटी पास करना होगा, वरना सेवा से हटाने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
मध्यप्रदेश में करीब डेढ़ लाख शिक्षकों की नौकरी पर संकट के हालात बनते नजर आ रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने एक नया आदेश जारी करते हुए कहा है कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 लागू होने से पहले हुई थी, उन्हें सेवा में बने रहने के लिए टीईटी (Teacher Eligibility Test) पास करना अनिवार्य होगा। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल ने हाल ही में सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि ऐसे शिक्षक जिनकी सेवानिवृत्ति में अभी 5 साल से ज्यादा समय बचा है, उन्हें अनिवार्य रूप से टीईटी परीक्षा देनी होगी। इस फैसले के बाद प्रदेश के हजारों शिक्षकों में चिंता का माहौल देखा जा रहा है।
स्कूल शिक्षा विभाग ने यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के आधार पर लिया है। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित शिक्षकों को आदेश जारी होने की तारीख से दो साल के भीतर टीईटी परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा। अगर कोई शिक्षक तय समय सीमा के भीतर टीईटी परीक्षा पास नहीं कर पाता है, तो उसे सेवा से हटाया भी जा सकता है। इस आदेश के बाद शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों में ऐसे शिक्षकों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संचालनालय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत ऐसे शिक्षकों की पहचान करें और उन्हें समय रहते परीक्षा में शामिल होने की सूचना दें।
शिक्षा विभाग के अनुसार प्रस्तावित टीईटी परीक्षा जुलाई-अगस्त 2026 में आयोजित की जा सकती है। विभाग काहना है कि इस परीक्षा के माध्यम से शिक्षकों की योग्यता का मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सके। साथ ही विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में नियुक्ति या पदोन्नति के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए भी टीईटी पास करना अनिवार्य रहेगा। इस आदेश के बाद अब प्रदेश के हजारों शिक्षक आने वाली टीईटी परीक्षा की तैयारी में जुट सकते हैं, क्योंकि निर्धारित समय सीमा के भीतर परीक्षा पास करना उनके लिए सेवा में बने रहने के लिए जरूरी होगा।