शह मात The Big Debate: गौमांस पर सियासत तेज, लैब में सैंपल क्यों हुआ फेल? गौकशी को लेकर गरमाई सूबे की सियासत

शह मात The Big Debate: भोपाल का चर्चित लाइव स्टाक फूड प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड स्लॉटर हाउस एक बार फिर से सुर्खियों में है।

शह मात The Big Debate: गौमांस पर सियासत तेज, लैब में सैंपल क्यों हुआ फेल? गौकशी को लेकर गरमाई सूबे की सियासत

शह मात The Big Debate/Image Credit: IBC24.in

Modified Date: March 7, 2026 / 11:56 pm IST
Published Date: March 7, 2026 11:56 pm IST
HIGHLIGHTS
  • भोपाल में लाइव स्टाक फूड प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड स्लॉटर हाउस एक बार फिर से सुर्खियों में।
  • गौकशी को लेकर सूबे में सियासी बयानबाजियां जारी है।
  • भोपाल में पुलिस हेडक्वार्टर के सामने 17 दिसंबर 2025 को हिंदू संगठनों ने, गौ मांस के शक में एक कंटेनर पकड़ा था।

शह मात The Big Debate: भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का चर्चित लाइव स्टाक फूड प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड स्लॉटर हाउस एक बार फिर से सुर्खियों में है और गौकशी को लेकर सूबे में सियासी बयानबाजियां जारी है।

दरअसल, भोपाल में पुलिस हेडक्वार्टर के सामने 17 दिसंबर 2025 को हिंदू संगठनों ने, गौ मांस के शक में एक कंटेनर पकड़ा था। इसमें 26 टन से अधिक अलग-अलग पैकेट में मांस भरा था। हिंदू संगठनों के आरोप के बाद मांस के सैंपल की मथुरा की लैब में जांच हुई और 5 जनवरी 2026 रिपोर्ट में गौ मांस होने की पुष्टि हुई। इसके बाद हिंदू संगठनों के विरोध के चलते पुलिस ने – स्लॉटर हाउस के संचालक असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा और कंटेनर के ड्राइवर शोएब की गिरफ्तारी की थी। अब SIT ने मथुरा की रिपोर्ट के हवाले से गौ मांस बताते हुए कोर्ट में सप्लीमेंट्री चालान पेश कर दिया है। (शह मात The Big Debate) लेकिन हैदराबाद की फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट अभी पेश नहीं हुई है। सूत्रों के मुताबिक लैब की ओर से कहा गया है कि- जब्त मांस इतना ज्यादा सड़ चुका था कि- उसकी गौमांस के तौर पर पुष्टि करना बेहद मुश्किल है। जिसके चलते कांग्रेेस-बीजेपी के बीच सियासी शमशीरें खिंची हुई हैं। बीजेपी जहां दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का दावा कर रही है, तो कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर आरोपियों को बचाने के आरोप मढ़े।

लेकिन सवाल ये कि- अगर हैदराबाद की फॉरेंसिक लैब में गौै मांस होने की पुष्टि नहीं होती है, (शह मात The Big Debate) तो क्या ये मामला कोर्ट में ठहरेगा? सवाल ये कि केस को लॉजिकल END तक पहुंचाने की जिम्मेदारी किसकी है? और सबसे बड़ा सवाल ये कि क्या वाकई गौमाता के गुनहगारों को बचाने की कोशिश हो रही है?

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