Home » Madhya Pradesh » Twisha Case Hearing as Accused GiriBala Singh Personally Defends Herself
Twisha Sharma Case Court Hearing : त्विषा केस में बड़ा मोड़! गिरीबाला सिंह खुद उतरीं कोर्ट में पैरवी के लिए, सुनवाई के दौरान वकील पर लगाए गंभीर आरोप, CBI की जाँच प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
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भोपाल में बहुचर्चित त्विषा शर्मा मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में उस समय हंगामा हो गया जब आरोपी गिरीबाला सिंह खुद अपनी पैरवी के लिए सामने आ गईं। रिमांड खत्म होने के बाद सीबीआई ने दोनों आरोपियों को विशेष अदालत में पेश किया, जहां सुनवाई के दौरान गिरीबाला सिंह ने विपक्षी वकील पर गंभीर आरोप लगाए
भोपाल : Twisha Sharma Case Court Hearing : बहुचर्चित त्वीषा शर्मा मामले में क्राइम सीन रिक्रिएशन के बाद सीबीआई ने आरोपी समर्थ सिंह और गिरीबाला सिंह को पहली बार भोपाल की विशेष अदालत में पेश किया। रिमांड खत्म होने के बाद दोनों आरोपियों के जेल जाने की संभावना है। इस दौरान कोर्ट रूम के अंदर उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया जब आरोपी गिरीबाला सिंह आज खुद अपनी पैरवी करने उतरीं और बेहद गुस्से में चिल्लाते हुए विपक्ष के वकील पर गंभीर आरोप लगाए।
त्वीषा के परिवार के वकील पर गंभीर आरोप
सुनवाई के दौरान खुद अपना पक्ष रखते हुए गिरीबाला सिंह ने जज के सामने कहा कि त्वीषा के परिवार के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने उनके बेटे समर्थ सिंह को पहले जबलपुर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पकड़ा था और फिर जबलपुर हाई कोर्ट में उसके साथ मारपीट की थी। इन आरोपों पर पलटवार करते हुए एडवोकेट अनुराग श्रीवास्तव ने कोर्ट में काउंटर जवाब दिया कि जबलपुर कोर्ट में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, इसलिए अदालत वहां के फुटेज निकलवा कर जांच कर ले कि समर्थ उस वक्त कोर्ट में कहां छिपे थे।
मीडिया ट्रायल बंद हो ,हम जहां जा रहे है मीडिया वहां आ रही है
इसके अलावा, केस से जुड़े सीसीटीवी वीडियो लीक होने को लेकर गिरीबाला सिंह ने सफाई दी कि उन्हें नहीं मालूम कि ये वीडियो किसने बाहर किए हैं, क्योंकि उन्होंने न तो फुटेज से कोई छेड़छाड़ की है और न ही इसे जारी किया है। उन्होंने मीडिया कवरेज पर भी नाराजगी जताते हुए इसे तुरंत बंद करने की मांग की।
दोनों आरोपी जा सकते है जेल
इस तीखी बहस के बीच सूत्रों के हवाले से यह बड़ा अपडेट मिला है कि सीबीआई ने दोनों आरोपियों की आगे की रिमांड नहीं मांगी है। जांच एजेंसी द्वारा आगे की कस्टडी न मांगे जाने के बाद अब कोर्ट दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेजने का आदेश जारी कर सकता है।