Reported By: Naveen Singh
,Vijay Shah Controversy/Image Source: IBC24
भोपाल: Vijay Shah Controversy हाथों में “भारतीय सेना ज़िंदाबाद” और “सत्यमेव जयते” की तख्तियां, नारेबाजी और आक्रोश… ये तस्वीरें एमपी की राजधानी भोपाल की हैं। इस विरोध-प्रदर्शन के पीछे वजह हैं एमपी के मंत्री विजय शाह, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
Vijay Shah Controversy मामले में एमपी हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था। मई 2025 में उनके खिलाफ राष्ट्रीय संप्रभुता को खतरे में डालने समेत कई धाराओं में केस दर्ज हुआ था, लेकिन अभियोजन की मंजूरी नहीं मिली। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि राज्य सरकार विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट पर महीनों से फैसला क्यों नहीं ले रही है। कोर्ट ने सरकार को मंत्री विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी पर निर्णय लेने का निर्देश भी दिया। इसके बाद से ही कांग्रेस आक्रामक है और विरोध प्रदर्शन के साथ मंत्री विजय शाह के इस्तीफे की मांग कर रही है।
Vijay Shah Controversy जहां कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और तल्ख टिप्पणी के बाद विजय शाह के खिलाफ हल्लाबोल रही है, वहीं बीजेपी डैमेज कंट्रोल करती नजर आई। कुल मिलाकर यह पहली बार नहीं है जब विजय शाह अपने बयानों के चलते विवादों में घिरे हैं। लेकिन कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान ने उन्हें चौतरफा घेर दिया है।
सवाल उठता है कि ऐसी क्या मजबूरी है कि विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी नहीं दी जा रही है? क्या राष्ट्र प्रथम और शुचिता का दावा करने वाली बीजेपी के लिए विजय शाह गले की हड्डी बनते जा रहे हैं? साथ ही, अगर बीजेपी ऑपरेशन सिंदूर का क्रेडिट भुना रही है, तो विवादित बयान वाले ये दाग इतने अच्छे क्यों लग रहे हैं?