शहमात The Big Debate: सीएम मोहन यादव बनें छापामार.. जिम्मेदार होंगे खबरदार! गेंहू ख़रीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण, मुख्यमंत्री की इस शैली का कितना होगा असर?

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सीएम मोहन यादव बनें छापामार.. जिम्मेदार होंगे खबरदार! CM conducts surprise inspection of wheat procurement centres

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  • Publish Date - April 30, 2026 / 11:49 PM IST,
    Updated On - April 30, 2026 / 11:49 PM IST

भोपालः wheat procurement centres मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव खरगोन और शाजापुर जिले में अचानक गेहूं ख़रीदी केंद्र पहुंचे। किसानों से मिले, खरीदी से जुड़ी हर प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया। सीएम मोहन के नायक फ़िल्म के अनिल कपूर की तरह अंदाज़ रखने की वज़ह यही है कि सरकार के पास गेहूं खरीदी केन्द्रों में किसानों को हो रही। परेशानियों से जुड़ी शिकायतें आ रही थीं। ऐसे में मुख्यमंत्री खुद औचक निरीक्षण के लिए निकल पड़े..और CM मोहन अब लगभग हर दिन किसी न किसी गाँव में अपना उड़न खटोला उतारेंगे और गेंहू ख़रीदी केंद्र में जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव का कहना है कि भले ही ख़रीदी की तारीख कोई भी नियत की गई हो, लेकिन सरकार किसानों का पूरा गेहूं खरीदेगी।

wheat procurement centres कांग्रेस आरोप लगा रही है कि सरकार देर से जागृत हुई है। किसानों ने मज़बूरी में अपना गेहूं कम दामों में पहले ही बिचौलियों को बेच दिया है, सरकार उसकी भरपाई कैसे करेगी? सच ये है कि एमपी में देर से गेंहू खरीदी के चलते कई गेहूं खरीदी केंद्रों में किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्लॉट बुकिंग में समस्या आ रही है। ऐसे में गेहूं खरीदी केंद्रों में सीधे मुख्यमंत्री के जाने की इस पहल की तो सराहना हो सकती है, लेकिन सवाल ये है कि इसके लिए आखिर सीएम मोहन को ही क्यों आगे आना पड़ा? सवाल ये कि मंडियों की व्यवस्था सुचारू रखने में अधिकारी क्यों सक्षम नहीं हैं? सवाल ये भी कि क्या सीएम के औचक निरीक्षण के बाद गेहूं खरीदी केंद्रों में लगी लम्बी लम्बी कतारें बंद हो जाएंगी?

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